श्रावस्ती। जिला कृषि रक्षा अधिकारी नत्थू लाल गंगवार ने बताया है कि शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं के अंतर्गत, जनपद श्रावस्ती में (संचारी रोग नियंत्रण अभियान-2026 (द्वितीय चरण) का आयोजन 01 जुलाई, 2026 से 31 जुलाई, 2026 तक किया जा रहा है। इस अभियान के तहत कृषि विभाग द्वारा जनसहभागिता के माध्यम से आवासीय घरों, खेतों और उनके आस-पास कृन्तक (चूहा एवं छछूंदर) नियंत्रण हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है।नियंत्रण की आवश्यकताः-
संचारी रोगों जैसे लेप्टोस्पायरोसिस तथा स्क्रब टाइफस के प्रसार में चूहे एवं छछूंदर उत्तरदायी कारक हैं। मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु इनका प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।
प्रभावी 06 दिवसीय रणनीतिः-
चूहों को नियंत्रित करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा निम्नलिखित 6 दिवसीय रणनीति अपनाने की सलाह दी गई हैंः-
पहला दिन – आवासीय घरों एवं आस-पास के बिलों का निरीक्षण कर उन्हें बंद करना।
दूसरा एवं तीसरा दिन – खुले पाए गए बिलों में बिना जहर वाला चारा (सरसों तेल एवं भुने दाने) रखना।
चौथा दिन- जिंक फास्फाइड युक्त जहरीला चारा बिलों में रखना।
पाँचवा दिन- मरे हुए चूहों को एकत्रित कर आबादी से दूर गहरा गड्डा खोदकर दबाना।
छठा दिन- बिलों को पुनः बंद करना।
मुख्य सावधानियाँ एवं उपाय-
1. अनाज का भंडारण पक्का, कंक्रीट या धातु के पात्रों (बखारी) में करें।
2. चूहे दानी का प्रयोग करें और चूहों के प्राकृतिक शत्रुओं (बिल्ली, उल्लू आदि) का संरक्षण करें।
3. रसायनों का प्रयोग करते समय दस्ताने पहनें और इन्हें बच्चों व पशुओं की पहुँच से दूर रखें।
उन्होने यह भी बताया कि जनपद के प्रत्येक ग्राम में न्यूनतम एक जागरूकता बैठक आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 50 प्रतिशत अनुदान पर मूषकनाशी रसायन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होने समस्त जनपद वासियों से अपील किया है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान कर संचारी रोगों की रोकथाम में अपना योगदान दें।
जनपद में चूहा एवं छछूंदर नियंत्रण हेतु चलाया जा रहा विशेष जागरूकता अभियान
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