- विदेश मंत्रालय ने निदां करते हुए गहरी चिंता जताई और स्पष्टीकरण मांगा
- होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट संयुक्त अरब अमीरात के ध्वज वाले दो तेल टैंकर को निशाना बनाया
नई दिल्ली। ओमान के तट के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हालिया हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के वरिष्ठ राजनयिकों, जिनमें डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद हुसैनी भी शामिल थे, को तलब कर इस घटना पर अपनी गहरी चिंता जताई और स्पष्टीकरण मांगा।
यह कदम उस हमले के बाद उठाया गया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट संयुक्त अरब अमीरात के ध्वज वाले दो तेल टैंकर निशाना बने। इस हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि भारतीय नागरिकों समेत कई अन्य चालक दल के सदस्य घायल हुए।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और समुद्री व्यापार मार्गों पर बढ़ते खतरों को लेकर चिंता व्यक्त की है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है और यहां बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार के लिए भी चिंता का विषय है।
बैठक के बाद ईरानी डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद हुसैनी और अन्य राजनयिक बिना मीडिया से बातचीत किए विदेश मंत्रालय से रवाना हो गए। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर भारत की यह राजनयिक पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।












