Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)अमोढ़ा रानी का जलाशय सूखा:देखरेख के अभाव में संरक्षण की मांग उठी

अमोढ़ा रानी का जलाशय सूखा:देखरेख के अभाव में संरक्षण की मांग उठी

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अमोढ़ा रानी का ऐतिहासिक जलाशय सूख गया है और घास-फूस से भर गया है। क्षेत्र के रामजानकी मार्ग पर अमोढ़ा राजकोट के सामने स्थित इस जलाशय के संरक्षण की मांग उठाई गई है। कभी पानी से लबालब रहने वाला यह जलाशय अब पूरी तरह सूख चुका है। देखरेख के अभाव में इसका ऐतिहासिक अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होने की कगार पर है। स्थानीय लोगों और प्रचलित किवदंतियों के अनुसार, अमोढ़ा की रानी तलाश कुँवरी प्रतिदिन शाम को इस जलाशय में मछलियों को चारा खिलाने आती थीं। इसी कारण यह जलाशय क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग की उदासीनता के कारण जलाशय की स्थिति लगातार खराब हुई है। वर्षों से इसकी न तो सफाई कराई गई और न ही संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जलाशय के सौंदर्यीकरण की मांग की है। उन्होंने पक्के घाट और सीढ़ियों के निर्माण के साथ-साथ रानी तलाश कुँवरी के इतिहास से संबंधित एक सूचना बोर्ड लगाने का सुझाव दिया है। इससे आने वाली पीढ़ियां और पर्यटक इसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित हो सकेंगे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पहले बनी सीढ़ियों का रास्ता बाउंड्री बनने के कारण रामजानकी मार्ग की ओर से बंद हो गया है। जलाशय परिसर में लगाए गए पेड़-पौधे भी उचित देखरेख के अभाव में सूख चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और पुनर्जीवन की अपील की है।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

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