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राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर लखनऊ में सीफेरर्स का सम्मान, अनुभव और चुनौतियों पर हुई चर्चा

लखनऊ। राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर ब्यूफोर्ट सी एंड शोर फाउंडेशन एवं आल्दा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अलीगंज स्थित सीनियर सिटीजन सेंटर में कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में 83 वर्षीय चीफ इंजीनियर महेन्द्र सिंह को उनके दीर्घ अनुभव और समुद्री क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं हाल ही में मध्य पूर्व के तनावपूर्ण हालात के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पार कर लौटे ओएस सलमान को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चीफ इंजीनियर महेन्द्र सिंह ने कहा कि समुद्री जीवन अनुशासन, धैर्य और साहस की परीक्षा लेता है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं से इस क्षेत्र में समर्पण के साथ आगे बढ़ने की अपील की।

चीफ इंजीनियर देवेंद्र पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रीय समुद्री दिवस भारतीय समुद्री विरासत और सीफेरर्स के योगदान को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सीफेरर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कैप्टन जुनेद ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का सीधा असर समुद्री मार्गों और जहाजों की आवाजाही पर पड़ रहा है, ऐसे में सीफेरर्स का कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि समुद्री पेशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के धैर्य और त्याग से जुड़ा होता है।

इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार रोहित रमवापुरी ने कहा कि मर्चेंट नेवी में कार्यरत सीफेरर्स को भी सेना के समान सुविधाएं और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये समुद्री योद्धा देश की आर्थिक धारा को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनके हितों की सुरक्षा आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान 63वें राष्ट्रीय समुद्री दिवस के उपलक्ष्य में केक भी काटा गया और उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मीनाक्षी सिंह, मनीषा जैन, सुमित्रा सारस्वत,मीनाक्षी सिंह, कैप्टन, एसके गुप्ता व रोहित सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

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