लखनऊ। सोमवार इको गार्डन में करीब 700 की संख्या में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ‘एकजुट’ के बैनर तले इकट्ठा हुए। प्रदेशभर से आए शिक्षकों ने चयन आयोग के नियमों में शिक्षकों की सुरक्षा की धारा जुड़वाने के साथ 25 अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा ने बताया कि 2023 में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक सेवा चयन आयोग ने इस धारा को डिलीट कर दिया जो शिक्षकों की लाइफ लाइन हुआ करती थी। इस धारा के खत्म होने से पूरे प्रदेश में शिक्षक प्रभावित हो रहा है। जब तक यह धारा अस्तित्व में थी कोई भी शिक्षक के ऊपर दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकता था। अनावश्यक उसके ऊपर दबाव नहीं बना सकता था। इसके खत्म हो जाने से प्रबंधन जैसे चाहते हैं वैसे मनमानी करते हैं शिक्षकों के ऊपर फर्जी कार्रवाई करते हैं।
निराधार आरोप लगाते हैं, उन्हें अनावश्यक परेशान करते हैं। इसलिए हम सेवा सुरक्षा धारा को लागू करने की लड़ाई मुखर हो कर लड़ रहे हैं। चेतावनी दी की शिक्षक अब चुप नहीं बैठेगा, क्योकि सरकार हमें लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिससे शिक्षकों में भारी आक्रोश है। सोहन लाल वर्मा ने कहा कि प्रदेश भर के हजारों शिक्षक पौने दो साल से सेवा सुरक्षा की बहाली को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार अनदेखा कर रही है।
उन्होंने बताया कि चयन बोर्ड अधिनियम 1982 के निष्क्रिय होने से सेवा सुरक्षा की धारा 21, पदोन्नति की धारा 12 एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य के तदर्थ पदोन्नति की धारा 18 रद्द हो गई है। संगठन के कई बार वार्ता के बावजूद सरकार ने इन धाराओं को नये उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियिम 2023 में नहीं जोड़ा है।











