बिजनौर। उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर की शहर कोतवाली क्षेत्र के बहुचर्चित 14 वर्ष पुराने प्रबल अग्रवाल हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को सभी सात आरोपिताें को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत के आदेश पर सभी आरोपिताें को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। सजा के बिंदु पर फैसला 31 जुलाई को सुनाया जाएगा।
यह मामला 19 दिसंबर 2012 का है। आरोप है कि शहर के शहनाई बैंक्वेट हॉल में महाराजा अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान मोहल्ला जाटान निवासी प्रबल अग्रवाल के साथ मारपीट की गई थी। इसके बाद आरोपित उन्हें कार में ले गए, जहां चिकित्सक द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया। घटना के बाद शहर में लंबे समय तक विरोध-प्रदर्शन हुए थे और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे थे।
घटना के करीब छह माह बाद प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल का भी निधन हो गया। इसके बाद उनकी बहन प्राची अग्रवाल ने मामले की कानूनी लड़ाई जारी रखी। पुलिस ने इस प्रकरण में आशीष अग्रवाल, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, राहुल गुप्ता, निखिल, संजय गुप्ता और अनुज अग्रवाल के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शहजाद अली की अदालत ने सभी सातों आरोपिताें को दोषी ठहराया। दोषसिद्धि के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अदालत अब 31 जुलाई को सजा पर अपना फैसला सुनाएगी।
फैसले के बाद प्राची अग्रवाल ने कहा कि 14 वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने अदालत से सभी दोषियों को कठोरतम दंड दिए जाने की मांग की। वहीं, पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता अहमद जकावत ने फैसले को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध माना। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शुरुआती जांच और आरोपपत्र में कई कमियां थीं, बावजूद इसके न्यायालय ने साक्ष्यों का समुचित मूल्यांकन कर निर्णय सुनाया।












