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जल संरक्षण की अनूठी मिसाल:पंचायत ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने खुद उठाई कुदाल, संवर गया बैहवती कुआं

#बस्ती_न्यूज

विक्रमजोत ब्लॉक की चरथी कथित ग्राम पंचायत के पूरे बैराग गांव में ग्रामीणों ने दशकों पुराने बैहवती कुएं का चंदे और श्रमदान से जीर्णोद्धार कराया है। प्रशासन की अनदेखी के बाद ग्रामीणों ने जल संरक्षण की मिसाल पेश करते हुए यह कार्य पूरा किया। गांव के राम संवारे यादव की अगुवाई में ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा किया। बीते शुक्रवार से कुएं के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने ग्राम पंचायत से कई बार कुएं के कायाकल्प का अनुरोध किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए कुएं की सफाई और मरम्मत का बीड़ा उठाया। पुराने कुएं से जमी हुई गाद निकाली गई, क्षतिग्रस्त दीवारों को पक्का किया गया और आसपास की सफाई की गई। इसमें ग्रामीणों का श्रमदान भी शामिल रहा। जीर्णोद्धार के तहत कुएं का जगत (प्लेटफॉर्म) बनाया गया और सुरक्षा के लिए ऊपर लोहे के जाल लगाए गए। कुएं के अंदर की गंदगी और मिट्टी को भी साफ किया गया। मंगलवार को निर्माण कार्य पूरा होने पर ग्रामीणों ने बैहवती कुएं की पूजा-अर्चना की, उसे फूल-मालाओं से सजाया और उसमें जल संग्रह किया। इस कार्य में सुधीर यादव, पहलवान यादव, धर्मपाल, रामकेवल पाल, विनोद, पाचू गौतम, मनतीरा देवी, फूल कुमारी, कौशल्या देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। इस संबंध में ग्राम पंचायत चरथी कथिक के प्रधान प्रतिनिधि लल्लू चौधरी ने बताया कि उन्हें गांव में कुएं की जानकारी नहीं थी, अन्यथा इसे कार्ययोजना में शामिल कर कायाकल्प कराया जाता।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

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