श्रावस्ती में शस्त्र अधिनियम के एक पुराने मामले में न्यायालय ने प्रभावी पैरवी के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अवैध तमंचा रखने के मामले में अदालत ने आरोपी को जेल में बिताई गई अवधि और न्यायालय उठने तक के कारावास के साथ 500 रुपये अर्थदंड की सजा दी है। पुलिस ने इसे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत मिली सफलता बताया है। 2017 में दर्ज हुआ था शस्त्र अधिनियम का मुकदमा मामला वर्ष 2017 का है, जब सिरसिया थाना क्षेत्र में शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार, तालबघौड़ा निवासी शिवराम उर्फ पृथ्वीराज गिरि के कब्जे से दो अवैध 12 बोर के तमंचे बरामद किए गए थे। विवेचना के बाद न्यायालय में दाखिल हुआ आरोप पत्र घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इसके बाद प्रकरण की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से मामले से जुड़े साक्ष्य और तथ्य प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए गए। जेएम कोर्ट ने आरोपी को माना दोषी शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएम) श्रावस्ती दिलीप कुमार साहनी की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को नियमानुसार अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की पैरवी रही अहम पुलिस विभाग के अनुसार, इस मामले में दोषसिद्धि कराने में मॉनिटरिंग सेल, जिला शासकीय अधिवक्ता और कोर्ट पैरोकार की प्रभावी भूमिका रही। लगातार पैरवी और साक्ष्यों की निगरानी के चलते न्यायालय से आरोपी को सजा दिलाई जा सकी। अपराधियों को सजा दिलाने पर जोर पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में चल रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान का उद्देश्य अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाना है। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों के खिलाफ न्यायालय से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा रही है।
अवैध तमंचा रखने के मामले में आरोपी दोषी करार:कोर्ट ने सुनाई सजा; ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत हुई कार्रवाई
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