Homeउत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)बारिश में दामूपुरवा का मुख्य मार्ग बना मुसीबत:कीचड़ और गड्ढों से जूझ...

बारिश में दामूपुरवा का मुख्य मार्ग बना मुसीबत:कीचड़ और गड्ढों से जूझ रहे ग्रामीण; सड़क निर्माण की मांग


ग्राम दामूपुरवा का मुख्य संपर्क मार्ग इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। हल्की बारिश होते ही सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। गड्ढों से भरी सड़क पर आवागमन करना ग्रामीणों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। लोगों ने जिला प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। बारिश के बाद रास्ते पर चलना हुआ मुश्किल ग्रामीणों के अनुसार, दामूपुरवा का यह मुख्य मार्ग गांव को अन्य क्षेत्रों से जोड़ता है। लेकिन लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। बारिश के बाद पूरे मार्ग पर कीचड़ फैल जाता है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। गड्ढों में भरे पानी से बढ़ा हादसों का खतरा सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है। इससे राहगीरों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने की घटनाएं भी आए दिन सामने आ रही हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आने-जाने वाले ग्रामीणों पर पड़ रहा है। कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना उनकी मजबूरी बन गई है। कई बार लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। आपात स्थिति में बढ़ जाती है समस्या ग्रामीणों ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। एंबुलेंस और अन्य वाहनों के आवागमन में परेशानी होने से गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने में दिक्कत हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मुख्य मार्ग पर खरंजा या पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि बरसात के दिनों में होने वाली परेशानी से राहत मिल सके। लोगों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments