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बाल अपराध व बाल संरक्षण पर प्रशासन की सख्ती:एएचटीयू-एसजेपीयू की बैठक,बाल विवाह-बाल श्रम रोकने पर जोर


श्रावस्ती में बाल अपराधों और बाल संरक्षण को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में थाना एएचटीयू (मानव तस्करी विरोधी इकाई) और विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की मासिक समीक्षा व समन्वय बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता पुलिस क्षेत्राधिकारी भिनगा भरत पासवान ने की। बैठक में बाल श्रम, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति और बच्चों की गुमशुदगी जैसे मुद्दों की रोकथाम पर विस्तार से चर्चा हुई। पॉक्सो एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन और बच्चों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं पर भी बात की गई। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) के अनुरूप अनुसंधान की समीक्षा की गई। थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों, विवेचकों और जनपद में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के सामने आ रही समस्याओं पर भी फीडबैक लिया गया। क्षेत्राधिकारी भिनगा भरत पासवान ने सभी बाल कल्याण अधिकारियों को नियमित रूप से गांवों में चौपाल लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य लोगों को बाल विवाह न करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने ग्राम प्रहरियों और संभ्रांत व्यक्तियों को भी बाल विवाह से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) तक पहुंचाने के लिए जागरूक करने को कहा, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई हो सके। उन्होंने बाल अपराध से जुड़े संवेदनशील मामलों में त्वरित, सक्रिय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर दिया। बाल संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाने तथा पीड़ित बच्चों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और शहरी बस्तियों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। बैठक में क्षेत्राधिकारी कार्यालय से सतीश कुमार शर्मा, एसएसबी से निरीक्षक राहुल कुमार, प्रभारी निरीक्षक थाना एएचटीयू लाल साहब, एएचटीयू व एसजेपीयू के अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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