लेह। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को पांच नए जिलों के गठन की घोषणा की। इसके साथ ही अब लद्दाख में जिलों की कुल संख्या दो (लेह और कारगिल) से बढ़कर सात हो गई है।
अधिकारियों के अनुसार, नवगठित जिलों में नुब्रा, शाम, चांगथांग, जांस्कर और द्रास शामिल हैं। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रशासन का विकेंद्रीकरण करना, सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में विकास को गति देना तथा स्थानीय स्तर पर शासन को अधिक प्रभावी बनाना है।
नुब्रा जिला अपने सामरिक महत्व और ऊंचाई वाले भौगोलिक क्षेत्र के कारण जाना जाता है, जहां पर्यटन अवसंरचना को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। वहीं शाम क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में काम होगा। चांगथांग में पारंपरिक जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की योजना है।
जांस्कर जिले में सड़क संपर्क सुधारने और पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान रहेगा, जबकि द्रास, जो अपनी रणनीतिक स्थिति के लिए प्रसिद्ध है, वहां बुनियादी ढांचे के विस्तार और सैन्य सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
यह निर्णय मूल रूप से अगस्त 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद लिया गया था, जिसे अब अप्रैल 2026 में औपचारिक रूप से अधिसूचित कर लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए प्रशासनिक सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
हालांकि, इस प्रशासनिक पुनर्गठन के बीच लद्दाख में राजनीतिक और सामाजिक मांगें भी लगातार उठती रही हैं। लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस जैसे संगठन 2021 से राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची में शामिल करने और स्थानीय नौकरियों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।












