हरियाणा: हरियाणा सरकार ने वैश्विक संकटों के बीच ईंधन की खपत कम करने और देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव घटाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है. मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी व्यापक दिशा-निर्देशों के तहत सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरों और बड़ी राजनीतिक रैलियों पर सितंबर 2026 तक पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है.
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी आदेश में कोविड-19 महामारी के बाद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में लगातार व्यवधान, रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का हवाला दिया गया है, जिससे ईंधन आयात और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है.
नए सरकारी आदेश के तहत सभी कर्मचारियों के आधिकारिक या व्यक्तिगत विदेशी दौरों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, जिसमें केवल आपातकालीन मेडिकल इलाज को ही छूट दी जाएगी.
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुचारू रखने के लिए सभी सरकारी विभागों को अपनी कम से कम 50 प्रतिशत बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने का निर्देश दिया है.
आदेश में राज्य सरकार ने सरकारी समारोहों, सेमिनारों, वर्किंग लंच, डिनर और मनोरंजन के कार्यक्रमों पर होने वाले खर्चों को सीमित करने का फैसला किया है. वित्त विभाग को सभी महकमों में पेट्रोलियम खर्च में 20 फीसदी की कमी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इसकी नियमित निगरानी के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया गया है, जहां सभी विभागों को हर महीने अपने वाहनों के इस्तेमाल में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी का प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होगा.
साथ ही पुलिस प्रशासन और जिलाधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वो सितंबर 2026 तक राज्य में किसी भी बड़ी राजनीतिक रैली, रोड शो, वाहन जुलूस या सार्वजनिक सभा के आयोजन की अनुमति न दें.
आदेश में ये भी कहा गया है कि ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए हरियाणा सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को प्राथमिकता देगी. परिवहन विभाग को सरकारी बेड़े में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने और सार्वजनिक बस सेवाओं को मजबूत करने के लिए कहा गया है.
इसके अलावा ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत को कम करने के लिए उद्योग विभाग नैसकॉम (NASSCOM), सीआईआई (CII) और फिक्की (FICCI) जैसे औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम और दफ्तरों के समय में बदलाव (Staggered Timings) को बढ़ावा देगा.
आदेश में ये भी निर्देश दिया गया है कि ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी सरकारी कार्यालय अपने एयर कंडीशनर (AC) का तापमान 24°C से 26°C के बीच ही बनाए रखें.
कार्यालयों में अनावश्यक बिजली के इस्तेमाल और सजावटी लाइटों को पूरी तरह बंद रखने तथा दिन के वक्त प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है. ऊर्जा दक्षता में सुधार लाने के उद्देश्य से भविष्य में दफ्तरों के वक्त में भी प्रशासनिक फेरबदल किया जा सकता है.
आदेश में सरकार ने राज्य में सौर ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और कंप्रेस्ड बायोगैस परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया है. शहरी निकायों को ठोस कचरे से ऊर्जा बनाने की पहलों को फास्ट-ट्रैक करने के निर्देश मिले हैं.
इसके साथ ही कृषि विभाग को तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक खेती, जीरो-बजट खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी दी गई है. किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और सहकारी समितियों के माध्यम से बायो-इनपुट संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जबकि खादों की तस्करी पर कड़ी कार्रवाई होगी.
सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वो गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचें, बड़ी सभाओं में भागीदारी सीमित करें और कार-पूलिंग या सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करें. उपभोक्ताओं और होटलों को पीएनजी (PNG) के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है.
नागरिकों को स्थानीय पर्यटन का समर्थन करने और घरेलू स्तर पर निर्मित उत्पादों को खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. ये आदेश तत्काल प्रभाव से सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और विश्वविद्यालयों को अनुपालन के लिए भेज दिया गया है.
वैश्विक संकटों के बीच हरियाणा सरकार सख्त, विदेशी दौरे और राजनीतिक रैलियां सितंबर तक प्रतिबंधित
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