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बस्ती के दुबौलिया विकासखंड क्षेत्र के खलवा, कुंवरपुरवा समेत आसपास के गांवों में पशुपालक हरे चारे की समस्या से जूझ रहे हैं। सरयू नदी के लगातार कटान के कारण क्षेत्र की बड़ी मात्रा में भूमि नदी में समा चुकी है, जिससे चारागाह और चारे योग्य जमीन की कमी हो गई है। हालात यह हैं कि पशुपालक अपने पशुओं के लिए हरा चारा जुटाने को जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ वर्षों पहले सरयू नदी बांध से काफी दूरी पर बहती थी और क्षेत्र में पर्याप्त चारागाह भूमि उपलब्ध थी। पशुओं के लिए चारे की कोई विशेष समस्या नहीं होती थी, लेकिन लगातार हो रहे कटान के कारण नदी अब बांध के काफी करीब पहुंच गई है। इससे कृषि भूमि के साथ-साथ चारागाह क्षेत्र भी लगातार कम होता जा रहा है। पशुपालकों का कहना है कि चारे की कमी के चलते उन्हें सरयू नदी की तेज धारा पार कर दूसरी ओर जाना पड़ रहा है। यह बेहद खतरनाक स्थिति है। इसी समस्या से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ पशुपालक अपनी जान की परवाह किए बिना नदी पार करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले गांवों के आसपास पर्याप्त हरियाली और चारागाह क्षेत्र थे, लेकिन नदी के कटान ने पूरे हालात बदल दिए हैं। अब पशुओं के लिए चारा जुटाना रोज की चुनौती बन गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सरयू नदी के कटान को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और बची हुई चारागाह भूमि को सुरक्षित करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में नदी पार करते समय पशुपालकों और पशुओं की जान को खतरा बढ़ सकता है। वहीं, इस मामले में दुबौलिया के खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार द्विवेदी ने बताया कि सरयू नदी फिलहाल स्थिर है और इस वर्ष कटान की स्थिति नहीं बनी है। प्रशासन क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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बस्ती के दुबौलिया क्षेत्र में पशुओं के चारे का संकट:सरयू के कटान से छिनी चारागाह भूमि, हरे चारे के लिए जान जोखिम में डाल रहे पशुपालक
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