उदवापुर और केदारपुरवा गांवों में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा व्यास पंडित गिरिजा शंकर महाराज ने अपने मुखारविंद से कंस की बहन पूतना वध का जीवंत प्रसंग सुनाया, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। पंडित गिरिजा शंकर महाराज ने बताया कि मथुरा नरेश कंस ने भगवान श्रीकृष्ण को मारने के लिए अपनी बहन राक्षसी पूतना को गोकुल भेजा था। पूतना ने सुंदर स्त्री का रूप धारण कर अपने स्तनों पर विष लगाकर बालकृष्ण को दूध पिलाने का प्रयास किया। अंतर्यामी श्रीकृष्ण ने उसकी मंशा जान ली और दूध के साथ-साथ उसके प्राण भी हर लिए। भगवान के स्पर्श मात्र से पूतना को मोक्ष की प्राप्ति हुई। कथा के दौरान “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” और “राधे-राधे” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। पूतना वध का प्रसंग सुनकर श्रोता भावुक हो गए। इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। पंडित गिरिजा शंकर महाराज ने कहा कि भगवान की लीला हमें यह सिखाती है कि प्रभु की शरण में आने वाले दुष्ट का भी कल्याण हो जाता है।
बहराइच के उदवापुर-केदारपुरवा में भागवत कथा का आयोजन:कथावाचक ने सुनाई पूतना वध की कथा
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