गांधीनगर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में सहकारी मॉडल पर आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में इस सेवा का विस्तार देश के 500 छोटे-बड़े शहरों और गांवों तक किया जाएगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। इस दौरान वडोदरा, अहमदाबाद, राजकोट और सूरत एयरपोर्ट समेत कई सरकारी संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए।
अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य यात्रियों और वाहन चालकों, दोनों का शोषण रोकना है। उन्होंने बताया कि यह सेवा पूरी तरह सहकारी मॉडल पर आधारित है, जिसमें चालक केवल टैक्सी चलाने वाले कर्मचारी नहीं होंगे, बल्कि संस्था के भागीदार और मालिक भी बनेंगे। उन्होंने कहा कि सेवा के विस्तार के साथ दोपहिया और चारपहिया दोनों तरह की टैक्सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
गृह मंत्री ने कहा कि निजी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं में अत्यधिक कमीशन, भुगतान में देरी और नए ड्राइवरों के पंजीकरण जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए भारत टैक्सी की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल में चालकों को ‘सारथी’ की पहचान दी जाएगी और उन्हें भविष्य में ऋण, बीमा, वाहन खरीद तथा व्यवसाय विस्तार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उनका दावा था कि भारत टैक्सी की शुरुआत के बाद निजी कंपनियों ने भी अपने किराए कम करने शुरू कर दिए हैं।
शाह के अनुसार, वर्तमान में देशभर में सात लाख से अधिक सारथी इस सहकारी संस्था से जुड़ चुके हैं और 37 लाख से अधिक लोग इसकी सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि सहकारिता गुजरात की पहचान है और भारत टैक्सी आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सहकारी व्यवस्था के कारण यह मॉडल पूरे देश में परिवहन क्षेत्र के लिए नया उदाहरण बनेगा।












