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नेपाल सीमा से घुसपैठ का बड़ा नेटवर्क बेनकाब : अमेरिका से आया ‘वारिस पंजाब दे’ का सक्रिय सदस्य समेत पांच गिरफ्तार

बहराइच। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध घुसपैठ कराने वाले एक संगठित नेटवर्क का बहराइच पुलिस और एसएसबी ने शुक्रवार को पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में अमेरिका से आए प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ के सक्रिय सदस्य समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बीआईटी चेक पोस्ट पर विशेष खुफिया सूचना के आधार पर एसएसबी और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार की रात को नेपाल से भारत में अवैध प्रवेश कर रहे संदिग्धों को रोका।

पूछताछ और जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार लोगों में अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी मनवीर सिंह ढिल्लों तथा पंजाब निवासी विक्रमजीत सिंह शामिल हैं, जो ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनके साथ तीन स्थानीय सहयोगियों राहुल कुमार, सुरेश कुमार पाठक और दिलीप पाठक उर्फ राहुल पाठक को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपित फर्जी पहचान पत्र तैयार कर और स्थानीय सहयोगियों की मदद से नेपाल के रास्ते भारत में अवैध घुसपैठ कर रहे थे। पूछताछ में आरोपितों के पास संगठन और गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पंजाब पुलिस से भी संपर्क कर उनके आपराधिक इतिहास और नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

फर्जी दस्तावेज और विदेशी सामान बरामद

गिरफ्तार आरोपियों से अमेरिकी पासपोर्ट, आईफोन, बैंक ऑफ अमेरिका का डेबिट कार्ड, विदेशी क्रेडिट कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय और नेपाली मुद्रा के अलावा एक कार और मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बरामद दस्तावेजों की सत्यता की जांच कराई जा रही है।

पहले से दर्ज हैं गंभीर मुकदमे

पुलिस के अनुसार, विक्रमजीत सिंह और मनवीर सिंह ढिल्लों के खिलाफ पंजाब में पहले से गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। बहराइच में भी दोनों समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), फर्जी दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी तथा विदेशी नागरिकों से जुड़े प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

एसपी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। इस बात का यह पता लगाया जा रहा है कि इनके तार देश के अन्य राज्यों या विदेशों तक फैले हैं या नहीं।

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