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शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड में बड़ा खुलासा! अयोध्या से पकड़े गए राज सिंह के नेताओं-माफिया से निकले तार


लखनऊ । पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या मामले में गिरफ्तार आरोपी राज सिंह को लेकर लगातार चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि राज सिंह के कई बड़े नेताओं और कथित माफिया से संबंध थे। वह खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताता था और उत्तर प्रदेश के कई प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों के संपर्क में था।
कोलकाता पुलिस ने हत्या मामले में यूपी के बलिया निवासी राज सिंह को अयोध्या-बस्ती हाईवे से गिरफ्तार किया, जबकि उसके दो साथी मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्या को बिहार के बक्सर से पकड़ा गया। पुलिस जांच में राज सिंह की भूमिका शूटरों को संसाधन उपलब्ध कराने और पूरी साजिश में सहयोग करने की बताई जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या के बाद फरार आरोपियों तक पहुंचने में एक यूपीआई पेमेंट अहम सुराग बना। अयोध्या-बस्ती मार्ग के टोल प्लाजा पर किए गए डिजिटल भुगतान से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। बताया जा रहा है कि राज सिंह 7 मई को लखनऊ में एक राजनीतिक परिवार की शादी में शामिल होने आया था। इसके बाद वह अंबेडकरनगर और अयोध्या गया, जहां से लौटते समय उसकी लोकेशन ट्रेस हुई।
जांच में यह भी सामने आया है कि राज सिंह पार्षद का चुनाव लड़ चुका है और बलिया के चिलकहर क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की तैयारी में था। उस पर पहले से हत्या का एक मुकदमा भी दर्ज बताया जा रहा है। हालांकि उसकी मां ने बेटे को निर्दोष बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को शक है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश करीब डेढ़ महीने पहले से रची जा रही थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक हमलावरों ने वारदात से पहले रेकी की थी और अपनी पहचान छिपाने के लिए बेहद पेशेवर तरीके से योजना बनाई गई थी। पुलिस का मानना है कि इस पूरे षड्यंत्र में कम से कम आठ लोग शामिल थे, जिनमें एक पेशेवर शूटर भी हो सकता है।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों को बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में अब राजनीतिक और आपराधिक गठजोड़ के एंगल से भी जांच तेज हो गई है।

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