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बस्ती में भाकियू का प्रदर्शन:गन्ना भुगतान, खाद की उपलब्धता समेत 15 मांगों का ज्ञापन डीएम को सौंपा, आंदोलन की चेतावनी

#बस्ती_न्यूज

बस्ती में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जिलाधिकारी को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। दोपहर करीब 12:20 बजे जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे पदाधिकारियों और किसानों ने गन्ना मूल्य भुगतान, खाद की उपलब्धता, फसल बीमा और भूमि अधिग्रहण सहित कई अहम मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में गोविंदनगर और अठदमा चीनी मिलों पर किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित तत्काल भुगतान कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही लंबे समय से बंद पड़ी गोविंदनगर चीनी मिल को दोबारा संचालित करने की मांग भी की गई, ताकि क्षेत्र के गन्ना किसानों को राहत मिल सके। यूरिया-डीएपी की उपलब्धता और फार्मर रजिस्ट्री खत्म करने की मांग भाकियू ने जिले में यूरिया और डीएपी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, थोक और फुटकर विक्रेताओं को समान दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त कर आधार कार्ड के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग संगठन ने बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की। साथ ही प्रभावित किसानों, बंटाईदारों और कृषि मजदूरों को पर्याप्त मुआवजा देने तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा कर सार्वजनिक क्षेत्र आधारित पारदर्शी फसल एवं पशुधन बीमा व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी। भूमि अधिग्रहण और मुक्त व्यापार समझौतों पर जताई आपत्ति भाकियू ने पुनर्वास किए बिना भूमि अधिग्रहण और बेदखली की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा भूमि अधिग्रहण कानून-2013 का सख्ती से पालन कराने की मांग की। संगठन ने भारत-अमेरिका सहित उन मुक्त व्यापार समझौतों का भी विरोध किया, जिनसे भारतीय कृषि, डेयरी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था और ग्रामीण रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई। रोजगार, बीज नीति और जनसंख्या नियंत्रण कानून की भी मांग ज्ञापन में विदेशी दुग्ध उत्पादों के आयात पर नियंत्रण, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीज क्षेत्र में बढ़ते एकाधिकार पर रोक, कृषि आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का विस्तार कर ग्रामीण युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने तथा प्रभावी एवं न्यायसंगत जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग भी शामिल रही। समस्याओं के समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और देश की खाद्य सुरक्षा पर पड़ेगा। संगठन ने जिलाधिकारी से सभी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर किसान आंदोलन तेज किया जाएगा।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

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