केंद्रीय जांच ब्यूरो ने (CBI) शनिवार को रिलायंस एडीए ग्रुप की कंपनियों के निदेशकों के आवास समेत मुंबई में 17 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। सीबीआई ने उन बिचौलिया कंपनियों के दफ्तरों पर भी दबिश दी, जिनके अकाउंट्स का इस्तेमाल बैंक धनराशि को एक से दूसरी जगह भेजने में किया गया था।
सीबीआई ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और इनके निदेशकों के खिलाफ दर्ज तीन मामलों के सिलसिले में यह छापेमारी की। सीबीआई की विशेष अदालत ने 8 मई को तलाशी वारंट जारी किया था। इसके बाद सीबीआई की टीम ने 17 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। सीबीआई ने बताया कि कई अहम दस्तावेजों हाथ लगे हैं। जांच में सामने आया है कि कई बिचौलिया कंपनियां एक ही पते से काम कर रही थीं।
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कई बैंकों और एलआईसी की शिकायत पर सीबीआई ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस ग्रुप के खिलाफ सात मामले दर्ज किए हैं। अनिल अंबानी की कंपनियों पर करीब 27,337 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इन मामलों में सीबीआई पहले ही 14 से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है।
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आर.कॉम के संयुक्त अध्यक्ष और समूह के बैंकिंग कामकाज के प्रभारी डी. विश्वनाथ, समूह के उपाध्यक्ष अनिल काल्या को 20 अप्रैल को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। अभी दोनों अधिकारी न्यायिक हिरासत में हैं। इसी साल मार्च महीने में सीबीआई ने अनिल अंबानी से भी पूछताच की थी। बता दें कि रिलायंस ग्रुप से जुड़े मामलों की जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है।












