लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पीएम आवास की समीक्षा करते हुए कहा कि कोई पात्र अभ्यार्थी यदि बचता है तो सीघे तौर पर सीडीओ जिम्मेदार होंगे। सभी 75 जनपदों में गठित समिति के माध्यम से ऐसे सभी मामलों की पुन: समीक्षा कराई जाए कि पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित रह गए हो। साथ ही जिन आवेदकों को अपात्र घोषित किया गया है उसकी पुन: समीक्षा करा लें।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पीएम आवास योजना 4.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लिए 6,18,482 नए पक्के मकानों की मंजूरी दी गई है, वर्ष 2014 से अब तक उत्तर प्रदेश को लगभग 36 लाख आवास दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल मकान बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण एवं आश्रयहीन परिवार को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर जीवन का आधार उपलब्ध कराना है,।
इस योजना के अंतर्गत रक्षा, अर्धसैनिक बल अथवा पुलिस बल की कार्रवाई में शहीद हुए जवानों की विधवाएँ एवं आश्रित, दिव्यांगजन, अल्पसंख्यक समुदाय के पात्र परिवार, कुष्ठ रोग अथवा कैंसर से पीड़ित सदस्य वाले परिवार, एचआईवी से प्रभावित परिवार, तथा एकल बालिका वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।












