लखनऊ। गत लोकसभा चुनाव में छह सीटों को जीतने के बाद कांग्रेस के हौसल बुलंद है। शायद इसीलिए जनता के बीच धमक बनाने के लिए नये नये प्रयोग कर रही है। वहीं ग्राम कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी का गठन का पार्टी नेताओं को इंतजार बरकरार है। इसी बीच कुछ विधानसभा क्षेत्रों का सर्वे कराके संभावित प्रत्याशियों का पैनल भी तैयार किया जा रहा है। वहीं आरटीआई सेल को मजबूत करने के लिए ज्योत्सना दुबे पर दांव लगाया गया है। इस सबके बावजूद कांग्रेस की धमक कहीं सुनाई नहीं दे रही है।
तकरीबन 37 वर्षो से सूबे की सत्ता से कांग्रेस दूर है। विधानसभा में पार्टी की स्थित दिनों दिन कमजोर होती जा रही है। वर्तमान में केवल दो विधायक है। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन कर कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत हासिल कर ली। इसके बाद से कांग्रेस के हौसले बुलंद है पार्टी नेताओं को लग रहा है कि 2027 में सत्ता तो नहीं लेकिन किंग मेकर की भूमिका मे आ जायेंगे। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष लोकसभा राहुल गांधी से लेकर वरिष्ठ नेताओं का यूपी दौरा तेज हो गया है। इसी कड़ी में हाल में हाईकमान में प्रदेश प्रभारी को बदल कर दलित कार्ड खेलते हुए राजेन्द्र गौतम को कमान सौप दी। बात संगठन की करें तो करीब एक साल से प्रदेश कांग्रेस निवर्तमान कमेटी के सहारे ही चल रही है। पूर्व प्रभारी अविनाश पांडेय द्वारा जो सूची दिल्ली भोजी गयी थी नये प्रभारी ने उसे रुकवा दिया। इसी दौरान उन्होनें ग्राम कमेटी का गठन करने का फरमान सुनाया जिसकी मियाद 15 दिनों की दी थी वह भी अधर में है। जिला एवं शहर स्तर पर संगठन की टीम तैयार है लेकिन विधानसभा एवं बूथ स्तर पर कागजों पर दौड़ रही है।
इसी बीच यूपी ही नहीं देश में हर घटना को लेकर पीसीसी सड़क पर उतरने का प्रयास करती है। हाल में दिल्ली में सीजीपी के आंदोलन का श्रेय लेने के लिए सभी जिलों में कैंडल मार्च निकाला गया। जौहर अली वि वि भी प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित कई नेता पहुंच गये। कानून व्यवस्था को लेकर भी समय समय पर कांग्रेस आंदोलन करने की कोशिश करती है लेकिन संख्या बल से मात खा जाती है। महिला कांग्रेस ने दो दिन शिक्षा मंत्री एवं सांसद कंगना रनौत के खिलाफ आंदोलन किया। पीएम से लेकर सीएम तक पत्राचार भी खुब किये जा रहे हैं। वहीं सपा के आगामी चुनाव में गठबंधन को लेकर भी पार्टी में मतभेद है। इसीबीच कांगे्रस ने कुछ चुनिदा सीटों का सर्वे कराना आरंभ कर दिया प्रत्याशियों के पैनल में युवाओं एवं महिलाओं पर जोर दिया जा रहा है। इसी बीच यूपी कांग्रेस कमेटी के सूचना का अधिकार को विस्तार देने के लिए गोरखपुर निवासी ज्योत्सना दुबे को प्रदेश महासचिव नियुक्त कर जिम्मेदारी सौंपी गयी है। वहीं निर्वमान प्रदेश उपाध्यक्ष शरद मिश्रा ने बताया कि पार्टी 2027 को लेकर सभी सीटों पर तैयारी कर रही है। गठबंधन होगा तो बराबरी का होगा, पूर्व की तरह नहीं। यह गलत है कि कांग्रेस की धमक जनता के बीच नहीं हैं अब लोग पार्टी को आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं।
जमीनी हकीकत से दूर कांग्रेस के चौतरफा प्रयोग
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