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बहराइच में तालाब से निकल रहे मगरमच्छ:एक महीने से दहशत में ग्रामीण; स्कूल जाने वाले बच्चों पर सबसे बड़ा खतरा


बहराइच जिले के वेलहन महेशपुर क्षेत्र में पिछले एक महीने से लगातार मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। गांव के पीछे स्थित तालाब से निकलकर मगरमच्छ दिन में कई बार आबादी की ओर आ जाते हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद वन विभाग की टीम अब तक मौके पर नहीं पहुंची, जबकि विभाग का कहना है कि जल्द कार्रवाई की जाएगी। एक महीने से तालाब से बाहर निकल रहे मगरमच्छ ग्रामीणों के अनुसार गांव के घरों के पीछे स्थित बड़े तालाब में मगरमच्छ रह रहे हैं। पिछले एक महीने से वे दिन में एक-दो बार तालाब से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे आसपास रहने वाले लोग हर समय सतर्क रहने को मजबूर हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों में सबसे ज्यादा डर मगरमच्छ दिखने की घटनाओं का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है। बच्चों को रोज इसी रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि हर दिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है और वे उन्हें अकेले भेजने से डरते हैं। ग्रामीण बोले- कई बार शिकायत की, कोई नहीं आया ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार वन विभाग को मगरमच्छ देखे जाने की सूचना दी, लेकिन अब तक कोई टीम उन्हें पकड़ने या सुरक्षित स्थान पर ले जाने नहीं पहुंची। इससे लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। व्यस्त मार्ग पर बना हादसे का खतरा ग्रामीणों का कहना है कि जिस मार्ग के पास मगरमच्छ देखे जा रहे हैं, वहां 24 घंटे लोगों का आवागमन रहता है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि किसी व्यक्ति पर मगरमच्छ हमला करता है, तो इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। वन विभाग ने कार्रवाई का दिया भरोसा मामले में वन विभाग के चौकी प्रभारी मुनीश बाबू ने पुष्टि की कि पिछले एक महीने से क्षेत्र में मगरमच्छ देखे जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि विभाग जल्द ही टीम के साथ मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगा। ग्रामीणों की मांग- जल्द पकड़ा जाए मगरमच्छ ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि मगरमच्छों को जल्द से जल्द रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाए। उनका कहना है कि जब तक मगरमच्छों को हटाया नहीं जाता, तब तक गांव के लोगों, खासकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना रहेगा।

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