गिलौला ब्लॉक अंतर्गत सोनवा थाना क्षेत्र की तुलसीपुर ग्राम सभा में इन दिनों ग्रामीण एक बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। यहां घरों के ठीक सामने और सड़क किनारे लगाए गए घूर गढ्ढों (कूड़े के ढेरों) के कारण स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है। इन गढ्ढों से चौबीसों घंटे उठने वाली तेज दुर्गंध और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण पूरे गांव में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे लगे गंदगी के इन ढेरों के कारण क्षेत्र में कभी भी महामारी फैल सकती है। मौसम में जरा सा भी बदलाव होने या थोड़ी सी भी बारिश होने पर इन घूर गढ्ढों से उठने वाली सड़न और दुर्गंध पूरे इलाके में फैल जाती है। इससे रास्ते से गुजरना भी दूभर हो जाता है। गंदे पानी और कचरे के कारण मच्छरों की भारी फौज तैयार हो रही है, जिससे क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी जानलेवा बीमारियों के फैलने की आशंका हर वक्त बनी रहती है। क्या कहते हैं स्थानीय निवासी समस्या से त्रस्त गांव के लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस गंदगी को हटवाने की मांग की है। स्थानीय निवासी अतुल ने बताया कि घरों के ठीक सामने कूड़ा डंप होने से चौबीस घंटे बदबू का सामना करना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है। संक्रामक बीमारियों का डर हर वक्त बना रहता है। स्थानीय निवासी अभिषेक ने बताया कि मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि दिन में भी बैठना मुश्किल है। अगर जल्द ही इन घूर गढ्ढों को यहां से नहीं हटाया गया, तो गांव का हर दूसरा व्यक्ति अस्पताल में नजर आएगा। मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीण राजन और मुकेश सहित कई अन्य लोगों ने भी तीखा आक्रोश जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच गांव के मुख्य रास्तों और घरों के सामने इस तरह की गंदगी प्रशासनिक उदासीनता को बयां करती है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है।
तुलसीपुर में बीमारियों का खतरा:घरों के सामने लगे घूर गढ्ढों से उठ रही दुर्गंध, मच्छरों के आतंक से ग्रामीण परेशान
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












