HomeHealth & Fitnessआईआरसीटीसी के पूर्व सीआरएम को तीन साल की सजा का फैसला

आईआरसीटीसी के पूर्व सीआरएम को तीन साल की सजा का फैसला

  • 70 हजार घूस लेते पकड़े गए थे

लखनऊ। सीबीआई कोर्ट ने आईआरसीटीसी के तत्कालीन चीफ रीजनल मैनेजर कृष्ण मोहन त्रिपाठी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार देते हुए 3 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 14.75 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई के मुताबिक, जांच में कृष्ण मोहन त्रिपाठी के पास उनकी ज्ञात आय के मुकाबले 1.44 करोड़ रुपए से ज्यादा संपत्ति मिली थी।

सीबीआई ने बताया कि यह मामला मूल रूप से एक ट्रैप केस की जांच से सामने आया था। 31 अक्टूबर 2009 को तत्कालीन चीफ रीजनल मैनेजर कृष्ण मोहन त्रिपाठी को 70 हजार रुपए की अवैध रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसी मामले की जांच के दौरान उनकी संपत्तियों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि कृष्ण मोहन त्रिपाठी के पास ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में 1,44,02,221 रुपए की अनुपातहीन संपत्ति थी। सीबीआई के अनुसार यह उनकी कुल आय का 102.53 प्रतिशत था। इसके बाद 24 फरवरी 2010 को उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का अलग मुकदमा दर्ज किया गया।

 
सीबीआई ने मामले की जांच पूरी करने के बाद 13 दिसंबर 2011 को कृष्ण मोहन त्रिपाठी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। लंबे समय तक चले ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को साबित किया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने कृष्ण मोहन त्रिपाठी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उन्हें 3 साल के कारावास और 14.75 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
 
सीबीआई के मुताबिक, ट्रैप केस से मिली जानकारी के आधार पर आरोपी की संपत्तियों और आय की विस्तृत जांच की गई थी। जांच में सामने आए संपत्ति के अंतर के आधार पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया और अदालत में अभियोजन पक्ष ने आरोप साबित किए।
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