HomeHealth & Fitnessएक अंगदान, कई जिंदगियां रोशन, RMLIMS ने बढ़ाया अहम कदम

एक अंगदान, कई जिंदगियां रोशन, RMLIMS ने बढ़ाया अहम कदम

लखनऊ। विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (डॉ. आरएमएलआईएमएस) के नेफ्रोलॉजी विभाग ने अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संस्थान में मृतक दाता अंग प्रत्यारोपण को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. सी. एम. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विक्रम सिंह, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अरविंद सिंह और कार्यकारी रजिस्ट्रार प्रो. सुब्रत चंद्र उपस्थित रहे। गहन चिकित्सा विशेषज्ञों, इमरजेंसी चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और ब्रेन-स्टेम डेथ डिक्लेरेशन समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए प्रो. सी. एम. सिंह ने कहा कि संस्थान अब मृतक दाता से अंग प्रत्यारोपण शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़े और सभी संबंधित टीमें इसमें सक्रिय भूमिका निभाएं।

प्रो. विक्रम सिंह ने संस्थान में मृतक-दाता प्रत्यारोपण को बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि इसके लिए संस्थान में उपलब्ध विभिन्न योजनाओं और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। प्रो. अरविंद सिंह और प्रो. सुब्रत चंद्र ने भी टीमों का उत्साह बढ़ाते हुए इस दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि SOTTO उत्तर प्रदेश के नोडल अधिकारी डॉ. हर्षवर्धन ने राज्य में अंगदान को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की जानकारी साझा की और संस्थान को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक अंतर-संस्थागत समन्वय समिति बनाने का सुझाव दिया, ताकि संभावित दाताओं की पहचान से लेकर अंगों के आवंटन और प्रत्यारोपण तक की प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष प्रो. अभिलाष चंद्र ने अंगों की कमी और प्रत्यारोपण की बढ़ती जरूरत के बीच के अंतर पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से अंतिम चरण के गुर्दा रोग से जूझ रहे मरीजों का उल्लेख करते हुए कहा कि सक्रिय मृतक-दाता प्रत्यारोपण कार्यक्रम इस कमी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि आरएमएलआईएमएस में पहले से ही एक सफल जीवित-दाता गुर्दा प्रत्यारोपण कार्यक्रम चल रहा है, जिसे अब मृतक-दाता प्रत्यारोपण से और मजबूत किया जा सकता है।

कार्यक्रम को संस्थान के कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत एक भावपूर्ण नाटिका और कविता प्रस्तुतियों ने और जीवंत बना दिया। प्रस्तुतियों को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। इस अवसर पर कॉर्निया दाता परिवारों, जीवित गुर्दा दाताओं, ब्रेन-स्टेम डेथ डिक्लेरेशन समिति के सक्रिय सदस्यों, सक्षम प्राधिकारी सदस्यों तथा पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन आयोजन सचिव श्रीमती बर्नाडिक्ट मिन्ज़ के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था—
“अंगदान किसी के जाने का अंत नहीं, बल्कि किसी और के जीवन की नई शुरुआत है।”

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