HomeHealth & Fitnessपुलिस के एनकाउंटर की धमकी से आहत युवक ने दी जान

पुलिस के एनकाउंटर की धमकी से आहत युवक ने दी जान

रायबरेली। ऊंचाहार क्षेत्र के बीकरगढ़ गांव में 28 वर्षीय राजू ने मंगलवार रात फंदे से लटककर जान दे दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उसके बहनोई को गैर इरादतन हत्या के मामले में सरेंडर कराने का दबाव बना रही थी और ऐसा नहीं होने पर राजू को एनकाउंटर की धमकी दी गई थी। घटना के बाद बुधवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस को शव कब्जे में लेने से रोक दिया।

सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो परिजनों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हुई। स्थिति बिगड़ने पर कई थानों की पुलिस के साथ एएसपी आलोक सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर मामले में जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। परिवार की ओर से एक दरोगा और एक सिपाही के खिलाफ तहरीर दी गई है।

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कमरे में फंदे से लटका मिला शव

परिजनों के मुताबिक, राजू मंगलवार रात खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। बुधवार सुबह देर तक कमरे से बाहर नहीं आया तो परिजनों ने खिड़की से झांका। अंदर राजू का शव पंखे के हुक से साड़ी के सहारे लटका मिला। दरवाजा तोड़कर परिजनों ने शव को नीचे उतारा।

राजू एनटीपीसी परियोजना में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी शादी इसी साल मई में हुई थी। घटना के समय उसकी पत्नी अंजली मायके में थी। सूचना मिलने पर वह ससुराल पहुंची और परिवार में मातम छा गया।

परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मृतक के पिता माताबदल का आरोप है कि उनकी बेटी के ससुराल पक्ष से जुड़े एक व्यक्ति की मौत के मामले में उनके दामाद समेत अन्य लोगों के खिलाफ जुलाई में गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उनका कहना है कि पुलिस राजू पर उसके बहनोई को अदालत में आत्मसमर्पण कराने का दबाव बना रही थी।

परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने राजू को करीब 10 दिन पहले भी उठाकर ले गई थी और उसके साथ मारपीट की गई थी। उनका दावा है कि बाद में 10 हजार रुपये लेकर उसे छोड़ा गया। परिवार ने घटना के लिए ऊंचाहार कोतवाली में तैनात एक दरोगा और सिपाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने आरोपों से किया इनकार

सीओ गिरिजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि राजू के कुछ रिश्तेदार फरार चल रहे हैं और पुलिस उनसे संबंधित मामले में पूछताछ कर रही थी। उन्होंने मारपीट या धमकी देने के आरोपों को गलत बताया।एएसपी आलोक सिंह ने परिजनों को मामले की जांच कराने और जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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