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सिद्धार्थनगर में करंट से मासूम की मौत पर बवाल:शव रखकर सड़क जाम, हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग


सिद्धार्थनगर के इटवा तहसील क्षेत्र में करंट लगने से छह वर्षीय मासूम की मौत का मामला बुधवार को और गरमा गया। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ केवल धारा 106 के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी पर हत्या की धारा 302 लगाने और तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। यह घटना रामनगर गांव की है। मंगलवार शाम करीब चार बजे गांव निवासी छह वर्षीय नफीस पुत्र अमीरूल्लाह गांव के पश्चिम स्थित एक बगीचे की ओर गया था। मृतक के पिता अमीरूल्लाह का आरोप है कि गांव निवासी सलाउद्दीन पुत्र मुस्लिम ने अपने बगीचे की घेराबंदी लोहे के तार से कर रखी थी और उसमें बिजली का करंट प्रवाहित किया हुआ था, ताकि कोई व्यक्ति या जानवर अंदर न जा सके। परिजनों के मुताबिक खेलते समय नफीस का पैर अचानक उस तार से छू गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हालांकि, पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ केवल धारा 106 के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक चले जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि मासूम की मौत को हल्के में लिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि खेतों और बगीचों में चोरी रोकने के नाम पर खुलेआम बिजली का करंट दौड़ाने की घटनाएं लगातार हो रही हैं, लेकिन प्रशासन इस पर सख्ती नहीं करता। उनका आरोप था कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो एक मासूम की जान नहीं जाती। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मृतक की मां बार-बार बेहोश हो रही थी और गांव में शोक का माहौल बना रहा। परिजन लगातार आरोपी की गिरफ्तारी और हत्या की धारा बढ़ाने की मांग करते रहे। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। बिंद्रेश गुप्ता ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए, जिसके बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया।

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