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बस्ती में महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली की आवासीय कॉलोनी में स्वास्थ्यकर्मी बदहाल सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रहने को मजबूर हैं। डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों को गंदगी के बीच जीवन बिताना पड़ रहा है, जबकि इस परिसर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद की जाती है। कॉलोनी में प्रवेश करते ही जगह-जगह कूड़े के ढेर, उफनती नालियां और सड़कों पर जमा गंदा पानी दिखाई देता है। इमारतों पर जंगली पेड़ उग आए हैं, प्लास्टर टूट रहा है और पूरे वातावरण में दुर्गंध फैली हुई है। नियमित सफाई न होने के कारण कूड़ा कई दिनों तक पड़ा रहता है, जिससे हवा में धूल और कचरे की बदबू घुल जाती है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि उन्हें आपस में पैसे इकट्ठा करके सफाई करवानी पड़ती है। इसके अतिरिक्त, बिल्डिंगों में खुले लटकते बिजली के तार भी दुर्घटनाओं को आमंत्रित कर रहे हैं, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना होने का खतरा बना हुआ है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है। नालियों की समय पर सफाई न होने से जल निकासी बाधित होती है और पूरे परिसर में पानी भर जाता है। कई स्थानों पर गंदा पानी महीनों तक जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। परिसर की सड़कें भी खस्ताहाल हैं, जिनमें गहरे गड्ढे बन गए हैं और इंटरलॉकिंग उखड़ चुकी है। सड़क किनारे कचरे का अंबार लगा रहता है। रात के समय पर्याप्त रोशनी न होने से दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि वे सालों से कई बार लिखित शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में गंदगी, स्वास्थ्यकर्मी परेशान:खुद के पैसे से सफाई, खुले बिजली के तार भी खतरा
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