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दुलारा, दर्द पूछा और उठाई आवाज, CJP के आंदोलन में कैसे छा गईं डिंपल यादव?

कॉकरोच जनता पार्टी पिछले एक महीने से दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा मांगा रही थी। सोमवार को CJP ने पहले से तय संसद तक शांतिपूर्वक मार्च का आव्हान किया था लेकिन जैसे ही मार्च आगे बढ़ा दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के जवानों ने उन्हें रास्ते में रोका और उनपर लाठीचार्ज कर दिया।

पुलिस की इस लाठीचार्ज में दर्जनों प्रदर्शनकारी युवा घायल हो गए। कई पुलिसकर्मी भी इसमें घायल हुए। मगर, पुलिसिया लाठीचार्ज में बुरी तरह से घायल छात्र-छात्राएं सड़क और फुटपाथ पर लेट गए। घायल युवाओं को या तो उनके साथियों ने संभाला या फिर समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और कन्नैज से सांसद डिंपल यादव ने।

दिनभर छात्रों के बीच रहीं डिंपल यादव

दरअसल, डिंपल यादव सपा के लगभग एक दर्जन सांसदों के साथ में छात्रों के इस प्रदर्शन में शामिल होने पहुंची थीं। वह दिनभर छात्रों के बीच रहीं, जिसके बाद पुलिस उनको पकड़कर संसद मार्ग पुलिस थाने ले आई। जब सांसद डिंपल थाने के अंदर बैठी थीं, उन्हीं के सामने कई छात्र और छात्राएं बुरी तरह से घायल अवस्था में आए।

घायल छात्रों को दुलारते और नजर आईं

इस मंजर को देखने के बाद डिंपल यादव खुद को संभाल नहीं पाईं और वह घायल छात्रों को दुलारते और उनका दर्द बांटते हुई नजर आईं। उनके इन कदमों की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है। एक प्रदर्शनकारी युवक पर पुलिस की लाठीचार्ज में बुरी तरह से घायल हो गया था, जिसको उसके साथियों ने एक फुटपाथ पर लिटा दिया। घायल और बेसुध युवक को डिंपल यादव ने जैसे ही देखा वह खुद को रोक नहीं पाईं और उसे प्यार से और अपनेपन के भाव से सहलाने लगीं।

डिंपल यादव ने अपना एक हाथ घायल युवक के सिर और दूसरा उसके सीने पर रखकर उसकी मदद की। इसके बाद उन्होंने उसे अपने हाथों से हवा करती नजर आईं और एंबुलेंस को बुलवाया। इसी समय वह एक घायल छात्रा को अपने हाथ से पानी पिलाते हुए नजर आईं। इस दौरान सपा के सभी सांसद वहीं खड़े रहे।

अभिभावक बनीं डिंपल

इसी तरह से एक और छात्रा पुलिसिया कार्रवाई में घायल होकर संसद मार्ग थाने में आई, जिसे सांसद डिंपल यादव एक अभिभावक की तरह दुलारते हुए नजर आईं। उनके इन कदमों की वजह से सोशल मीडिया पर लोग उनके लिए लिख रहे हैं कि डिंपल यादव सिर्फ एक नेत्री ही नहीं, बल्कि एक पत्नी, मां और बहु भी हैं।

प्रदर्शन का बताया आंखों देखा हाल

दिनभर युवाओं के साथ रहीं डिंपल यादव बाद में संसद पहुंचीं। उन्होंने यहां कहा, ‘युवा लड़के और लड़कियों के ऊपर लाठीचार्ज किया गया था। कुछ के सिर में चोटें आईं, जबकि दूसरों को छाती पर चोट लगी। अगर पुलिस को बल प्रयोग करना ही था तो उन्हें कमर के नीचे मारना चाहिए था लेकिन इसके बजाय उन्होंने छात्रों के सिर और छाती पर मारा। छात्र बहुत ज्यादा गुस्से में थे। उन्होंने कहा कि वे सिर्फ आंदोलन का समर्थन करने आए थे और किसी से लड़ने नहीं आए थे। आज हमने जो देखा वह परेशान करने वाला है और इसे देश के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।’

मोदी सरकार पर बरसीं डिंपल यादव

सपा सांसद डिंपल यादव ने आगे कहा, ‘आज लोकतंत्र के इतिहास में ये काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा। पुलिस के आंखों में भी शर्मिंदगी दिख रही थी… कुछ पुलिसकर्मी गुंडे बने हुए थे। कुछ पुलिसवाले बिना वर्दी के आए और बच्चों को मारा है। बच्चों को करंट दिया। जहां नियम होता है कि आपको पैरों पर मारना है वहां बच्चों के सीने पर मारा है, ये आघात भारत माता के सीने पर किया है। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री को हटाएं, सरकार जिम्मेदारी ले। इतनी अहंकारी कठोर और निर्दयी सरकार शायद ही देश के इतिहास ने देखी हो।’


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