गुरुग्राम । शनिवार शाम को अफगानिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में तेज भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाम लगभग 7:05 बजे अफगानिस्तान के कालाफगन से करीब 81 किलोमीटर दूर 6.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा के पास बताया गया है, जबकि इसकी गहराई लगभग 192 किलोमीटर थी। गहराई अधिक होने के कारण इसके झटके काफी दूर-दूर तक महसूस किए गए।
भूकंप का असर केवल अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका प्रभाव भारत सहित कई पड़ोसी देशों में देखा गया। भारत में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोगों ने धरती में तेज कंपन महसूस किया। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, बारामुला, कुपवाड़ा और जम्मू जैसे इलाकों में हल्के से मध्यम झटकों के बाद लोग अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए।
दिल्ली-एनसीआर और गुरुग्राम में भी कुछ सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई और कई स्थानों पर लोग खुले स्थानों में आ गए। हालांकि, अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक मध्यम तीव्रता का भूकंप था, जिसकी गहराई अधिक होने के कारण इसका असर व्यापक क्षेत्र में महसूस किया गया। प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखी है और फिलहाल हालात सामान्य बताए जा रहे हैं।अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी भी देश या क्षेत्र से बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन एहतियातन निगरानी जारी है।












