तेजवापुर उपकेंद्र की खराब व्यवस्था के कारण क्षेत्र में बिजली संकट गहरा गया है। अघोषित कटौती और बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन से उपभोक्ता परेशान हैं। दिन में तीन से चार बार बिजली आपूर्ति बाधित होती है, जबकि रात में लगभग पांच घंटे तक बिजली गुल रहती है। स्थानीय निवासियों, जिनमें रियाज़ अहमद, राकेश शुक्ला, पवन, संतोष, प्रेम चंद, लवलेश और रजनीश अवस्थी शामिल हैं, का कहना है कि रात में बिजली जाने पर उसे बहाल करने के लिए कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं होता। रात में लाइनमैन की ड्यूटी न होने के कारण फॉल्ट सुबह तक ठीक नहीं हो पाता, जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में रात बितानी पड़ती है। समय माता मंदिर पावर हाउस से जुड़े लगभग 30 से 40 गांव इस समस्या से प्रभावित हैं। मोगलहा-सबलापुर लाइन की जर्जर स्थिति, पुराने इंसुलेटर और उलझे व कमजोर तार बार-बार फॉल्ट का कारण बन रहे हैं। कई जगहों पर आवश्यक क्रॉसफार्म की कमी भी समस्या को और बढ़ा रही है। विभाग मरम्मत और सुधार के दावे करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है। व्हाट्सएप ग्रुप पर शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं होती। निर्धारित 18 घंटे की बिजली आपूर्ति के बजाय, क्षेत्र को केवल 8 से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे आम जनता, किसान, व्यापारी और छात्र सभी प्रभावित हो रहे हैं। जब जेई रवि प्रकाश से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका नंबर स्विच ऑफ मिला।
तेजवापुर में गहराया बिजली संकट, अघोषित कटौती जारी:बार-बार ब्रेकडाउन से रात में 5 घंटे गुल रहती है बिजली
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