श्रावस्ती जिले के गिलौला विकासखंड की ग्राम पंचायत कमलाभारी के मजरा खड़ेला में ग्रामीण आजादी के 76 साल बाद भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। गांव का मुख्य मार्ग अब तक न तो आरसीसी रोड बन पाया है और न ही खड़ंजा का निर्माण हुआ है। यह मार्ग ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के आवागमन का एकमात्र साधन है। बारिश के मौसम में यह रास्ता कीचड़ और जलभराव में बदल जाता है, जिससे पूरे गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। रास्ते में जमा गंदा पानी ग्रामीणों के लिए रोजमर्रा की परेशानी का सबब बन गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि स्कूली बच्चों को अपने कपड़े उतारकर हाथ में लेकर चलना पड़ता है। आगे जाकर उन्हें नल पर हाथ-पैर धोने के बाद ही दोबारा कपड़े पहनने पड़ते हैं। स्थानीय निवासी मो. बकरीदी, बाबू अली, सर्वेश और जावेद ने बताया कि कीचड़ भरे इस रास्ते से गुजरते समय कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं। इससे उनके कपड़े खराब होते हैं और चोट लगने का भी खतरा रहता है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह रास्ता एक बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस गंभीर समस्या के बारे में कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सड़क के अभाव में गांव विकास से कोसों दूर है और ग्रामीण खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन से शीघ्र आरसीसी रोड या खड़ंजा निर्माण की मांग की है। उनका मानना है कि इससे जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी और ग्रामीणों का आवागमन सुचारु हो सकेगा। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अरुण कुमार शुक्ला ने भी इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है और कहा है कि जल्द ही गांव की स्थिति में सुधार किया जाएगा।
आजादी के 76 साल बाद भी कीचड़ में भविष्य:स्कूल जाने के लिए बच्चे उतार रहे कपड़े, हाथ में ड्रेस लेकर पार कर रहे जलभराव
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on Hello world!












