बीती रात आई तेज आंधी के बाद हुई भारी बारिश ने आम जनता को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। इस बरसात से किसानों को भी बड़ी राहत मिली है, जिनकी फसलें डीजल की कमी के कारण सूखने की कगार पर थीं। अचानक हुई इस बारिश ने फसलों को नया जीवन दिया है। विशेष रूप से मेंथा और गन्ने की फसलों को पानी की सख्त आवश्यकता थी, जो इस बारिश से पूरी हो गई है। तापमान में गिरावट से लोगों को ठंडक का अनुभव हुआ। जिन किसानों ने इस समय अपने खेतों में मक्का और केले की फसलें लगाई हैं, उन्हें भी इस बारिश से काफी फायदा हुआ है। मैगला निवासी गन्ना किसान विद्या प्रकाश और अखिलेश ने बताया कि डीजल न मिलने के कारण उनका गन्ना सूख रहा था, लेकिन अब बरसात से यह फिर से लहलहा उठेगा। भोगियापुर के केला उत्पादक किसान साबित अली, सगीर और मालिक राम ने कहा कि केले की फसल को पानी से बहुत लाभ हुआ है। इसी तरह, मक्के की खेती करने वाले किसान रामदीन, साबित अली, बड़कऊ और लक्ष्मण ने बताया कि इस समय मक्के में दाने बन रहे थे, जिसके लिए पानी की सख्त जरूरत थी, जो अब पूरी हो गई है। हालांकि, कुछ किसानों ने बताया कि तेज हवा के कारण मक्के और केले की कुछ फसलें गिर गई हैं, लेकिन इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। ग्रामीण इलाकों में कुछ जगहों पर किसानों द्वारा भूसे का उचित भंडारण न करने के कारण उनका भूसा भीग गया है, जिससे उसके सड़ने का खतरा है। कुल मिलाकर, इस बारिश से किसान बेहद खुश हैं और आने वाले दिनों में और अधिक बरसात की उम्मीद कर रहे हैं।
भोगियापुर के किसानों ने ली राहत की सांस:कहीं गिरा केला-मक्का, तो कहीं भीगा भूसा; लापरवाही से सड़ने का डर
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