बहराइच जिले के बरुआ महेशपुर स्थित साधना सहकारी समिति में किसान यूरिया खाद के लिए परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि तीन महीने बाद समिति में यूरिया पहुंची है, लेकिन नई शर्तों के कारण उन्हें खाद मिलने में कठिनाई हो रही है। किसानों के अनुसार, पहले यूरिया के लिए पासबुक की आवश्यकता होती थी, लेकिन अब सरकार के नई योजना के तहत फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी है। जिन किसानों के पास फार्मर आईडी नहीं है, उन्हें यूरिया नहीं मिल पा रही है। किसानों का यह भी कहना है कि पांच बीघा जमीन पर केवल एक बोरी यूरिया दी जा रही है। किसानों ने बताया कि फार्मर आईडी बनवाने के लिए उन्हें खतौनी के लिए बहराइच जाना पड़ता है, जिससे उनका काफी समय बर्बाद होता है। इस समय धान की रोपाई और गन्ने के खेतों में पानी लगाने जैसे कई महत्वपूर्ण कृषि कार्य चल रहे हैं, ऐसे में उन्हें कागजी कार्यवाही के लिए अतिरिक्त समय निकालना मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में सहकारी समिति के सचिव विनोद तिवारी से यूरिया के स्टॉक के बारे में पूछा गया। उन्होंने बताया कि समिति के पास 400 बोरी यूरिया का स्टॉक उपलब्ध है। सचिव ने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं किसानों को यूरिया खाद दी जा सकती है जिनके पास फार्मर आईडी और खतौनी है। विनोद तिवारी ने यह भी बताया कि एक एकड़ जमीन पर एक बोरी यूरिया खाद दिया जाएगा। यूरिया लेने के लिए समिति पर किसानों की भारी भीड़ देखी गई, जो खाद की कमी और नई प्रक्रिया के कारण उत्पन्न हुई परेशानी को दर्शाती है।
बहराइच में यूरिया के लिए भटक रहे किसान:फार्मर आईडी और सीमित स्टॉक से बढ़ी मुश्किलें
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