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बेटे का शव देखते ही थम गई पिता की सांसें:बस्ती के युवक की गोरखपुर ट्रेन हादसे में गई थी जान, एक ही आंगन में रखे गए पिता-पुत्र के शव

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बस्ती के लालगंज नियति का ऐसा क्रूर खेल कि जिस चौखट से बेटे की अर्थी उठनी थी, वहां अब पिता और पुत्र दोनों के शव एक साथ रखे हैं। गोरखपुर में हुए एक रेल हादसे में बेटे की मौत की खबर ने परिवार को तोड़ा ही था कि अगले ही दिन बेटे का शव देखते ही पिता ने भी दम तोड़ दिया। लालगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बानपुर में हुई इस दोहरी मौत से न सिर्फ पीड़ित परिवार बल्कि पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। गोरखपुर में हुआ था हादसा जानकारी के अनुसार, कानपुर निवासी सुनील कुमार (बलीराम के पुत्र) का बीते 16 तारीख को गोरखपुर में एक भीषण रेल दुर्घटना में निधन हो गया था। सुनील की मौत की खबर जब गांव पहुंची, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पूरा परिवार इस अप्रत्याशित हादसे से गहरे सदमे में डूब गया था। शव देखते ही थम गईं पिता की सांसें हादसे के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर 17 तारीख की रात को सुनील का शव पैतृक गांव बानपुर लाया गया। जैसे ही बेटे का शव घर के आंगन में पहुंचा, कोहराम मच गया। बेटे की बेजान देह को देखकर वृद्ध पिता बलीराम उर्फ तितिल यह भीषण सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और शनिवार सुबह उन्होंने भी दम तोड़ दिया। परिवार का मुख्य सहारा थे बलीराम ग्रामीणों ने बताया कि बलीराम अपने परिवार के मुख्य मुखिया और रीढ़ की हड्डी थे। वे ही पूरे परिवार की हर छोटी-बड़ी जरूरत और देखभाल का जिम्मा संभालते थे। 24 घंटे के भीतर पिता-पुत्र दोनों के चले जाने से अब इस परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

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