श्रावस्ती जिले में चलाए गए एक विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान के दौरान पांच बच्चे विभिन्न प्रतिष्ठानों पर काम करते हुए पाए गए। इन बच्चों की आयु 14 वर्ष से कम थी। उनके नियोक्ताओं के खिलाफ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। यह अभियान श्रावस्ती जिले को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ संचालित किया गया। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर जमुनहा क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। अभियान के तहत जमुनहा बाजार, मल्हीपुर चौराहा और कानूबोझी चौराहा सहित कई व्यावसायिक क्षेत्रों में सघन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान तीन बच्चे कार वॉशिंग सेंटर पर जबकि अन्य होटल जैसे प्रतिष्ठानों पर काम करते मिले। इस अभियान का नेतृत्व सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) दिग्विजय सिंह और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) इकाई के प्रभारी लाल साहब सिंह ने किया। अभियान के दौरान व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, जागरूकता स्टिकर भी लगाए गए और लोगों को बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा तथा अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में बच्चों से श्रम न कराएं। उन्होंने श्रावस्ती को बाल श्रम मुक्त बनाने के अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया। इस संयुक्त अभियान में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई, महिला कल्याण विभाग, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए), देहात इंडिया और विज्ञान फाउंडेशन सहित कई विभागों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
श्रावस्ती में पांच बच्चे बाल श्रम करते मिले:विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत की गई कानूनी कार्रवाई
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