Homeजिला / लोकल (Local News)असम में बाढ़ का कहर जारी, 7 जिले प्रभावित; मृतकों की संख्या...

असम में बाढ़ का कहर जारी, 7 जिले प्रभावित; मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 78


गुवाहाटी। असम में अभी भी सात जिले बाढ़े प्रभावित हैं। इस त्रासदी में तीन और लोगों की मौत हो गई। बाढ़ की विभिषिका के बाद अब नये सिरे से जीवन जीने के लिए जद्दोजहद शुरू हो गई है।
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित उपरी असम के चार जिलों शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट में राहत एवं बचाव कार्य सरकारी एवं निजी स्तर पर जोरशोर से चला रहा है। बावजूद इसके लोग अपने घरों में जा नहीं पा रहे हैं।
बाढ़ ने सभी कुछ तबाह कर दिया है। बाढ़ का पानी लगातार घट रहा है, जिसके चलते घरों एवं विद्यालयों में घुटनों तक मिट्टी की गाद भर जाने से लोगों के सामने एक नई समस्या पैदा हो गई है।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के 29 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य की सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। सरकार युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव के लिए सभी तरह के उपाय करने में जुटी हुई है।
गोलाघाट में 1 एवं शिवसागर में 2 लोगों के शव बरामद हुए हैं। राज्य में मृतकों की कुल संख्या 78 हो गई है। बाढ़ प्रभावित सात जिलों में चराईदेव, गोलाघाट, शिवसागर, नगांव, बिश्वनाथ, जोरहाट एवं कामरूप (मेट्रो) जिला शामिल हैं।
इन जिलों के 21 राजस्व मंडलों के कुल 551 गांवों की 300031 आबादी अभी भी प्रभावित हैं एवं 21523.08 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए वर्तमान में कुल 71 राहत शिविर एवं 30 राहत वितरण केंद्र समेत कुल 101 शिविर क्रियान्वित रखे हैं। राहत शिविरों में 16567 लोग आश्रय लिए हुए हैं। जबकि राहत वितरण केंद्रों पर 72210 गैर-शिविर निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं।
राहत एवं बचाय अभियान में एसडीआरएफ, सेना/अर्धसैनिक बल, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ, एयर फोर्स, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं (एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है।राज्य सरकार ने 108 मेडिकल टीमों को तैनात किया। इस दौरान 20 नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
इसकी मरम्मत के लिए सरकार लगातार समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा ले रही है। बाढ़ के चलते असम विधानसभा का बजट सत्र पूर्व निर्धारित समय से दो दिन पूर्व 29 जुलाई को ही समाप्त किया गया। विधानसभा का सत्र 31 जुलाई तक निर्धारित था।
 

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments