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बस्ती के अर्जुनपुर में बाढ़ का कहर:30 से ज्यादा घरों में घुसा पानी, 4 दिन से स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे; टूटी नावों के सहारे आवाजाही

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ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिटकहा पाण्डेय के राजस्व गांव अर्जुनपुर में बाढ़ का पानी घुसने से 30 से अधिक परिवार प्रभावित हैं। गांव में चार दिनों से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। पानी भरने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। वहीं ग्रामीण महिलाएं और पुरुष घर से बाहर निकलने के लिए टूटी-पुरानी नावों का सहारा लेने को मजबूर हैं। बाढ़ के बीच राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। 30 से ज्यादा घर बाढ़ की चपेट में ग्रामीणों के अनुसार, अर्जुनपुर में बाढ़ का पानी लगातार बढ़ने से 30 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के बीच बच्चों और बुजुर्गों को लेकर विशेष चिंता बनी हुई है। चार दिन से स्कूल नहीं जा रहे बच्चे बाढ़ के पानी ने गांव की सामान्य जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले चार दिनों से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। जलभराव के कारण रास्ते बंद हैं और अभिभावक बच्चों को पानी के बीच स्कूल भेजने का जोखिम नहीं उठा रहे हैं। टूटी नावों के सहारे हो रही आवाजाही गांव में आने-जाने के लिए ग्रामीणों के पास पर्याप्त सुरक्षित साधन नहीं हैं। महिलाएं और पुरुष टूटी हुई पुरानी नावों के सहारे घरों से बाहर निकलने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह आवाजाही करना कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। पहले सूचना देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने बंधे की स्थिति की जानकारी पहले ही जिला प्रशासन और भाजपा विधायक अजय सिंह को दी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने समय रहते मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि यदि समय पर कदम उठाए जाते तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। 1070 पर फोन, राहत का मिला आश्वासन बाढ़ से परेशान परिवारों ने सरकार की हेल्पलाइन 1070 पर फोन कर अपनी समस्या बताई। ग्रामीणों के अनुसार, उन्हें बाढ़ राहत और बचाव कार्य का आश्वासन दिया गया है। हालांकि जमीनी स्तर पर राहत कार्य को लेकर ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में बनाई गई बाढ़ चौकियों पर ताले लटके हैं और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी मौके से नदारद हैं। लेखपाल ने रिपोर्ट सौंपी, राहत का इंतजार हल्का लेखपाल ने बताया कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों का निरीक्षण कर रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी है। ग्रामीणों का कहना है कि रिपोर्ट भेजे जाने के बावजूद अभी तक एसडीएम की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री, सुरक्षित नाव और बचाव दल की व्यवस्था कराने की मांग की है।
#बस्ती न्यूज़ टुडे

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