खेसरहा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को सुंदर और स्वच्छ बनाने के सरकारी दावे जमीनी हड़कंप के बीच हवा हवाई साबित हो रहे हैं। विकास क्षेत्र खेसरहा की ग्राम पंचायत ढोढौरा में लाखों रुपये की सरकारी धनराशि से तैयार किया गया आरआरसी सेंटर (कचरा घर) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। गांव के ठोस कचरे के बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से बनाए गए इस केंद्र का आज तक समुचित उपयोग ही नहीं शुरू हो सका है। जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की घोर उदासीनता के कारण लाखों की यह इमारत महज एक शोपीस बनकर रह गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही का आलम यह है कि केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार पर अब तक गेट तक नहीं लगाया गया है। पूरे परिसर में कचरा संग्रहण की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं है और न ही यहां नियमित रूप से कोई सफाई कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीण उस्मान और जमील ने बताया कि जब इस सेंटर का निर्माण हुआ था, तब उम्मीद जगी थी कि गांव को कचरे से मुक्ति मिलेगी, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। वहीं, ग्रामीण ब्रह्मानंद और पिंटू ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सीधे तौर पर सरकारी धन की बर्बादी करार दिया है। जिम्मेदार बोले- जल्द शुरू कराया जाएगा संचालन ग्राम पंचायत प्रशासक जाबिर अली ने बताया कि आरआरसी सेंटर के रखरखाव और इसे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को इस स्थिति से अवगत कराकर केंद्र को जल्द से जल्द उपयोग में लाने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीणों ने की जिला प्रशासन से मांग अब ग्रामीण इस मामले को लेकर आर-पार के मूड में हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस आरआरसी सेंटर को तत्काल चालू किया जाए और जो भी आवश्यक सुविधाएं यहां कम हैं, उन्हें जल्द उपलब्ध कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक धरातल पर काम नहीं होगा, तब तक स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकता।
खेसरहा में लाखों का कचरा घर खुद बना शोपीस:गेट तक गायब, अधिकारियों की उदासीनता से योजना पस्त
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