हमीरपुर। उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी के निर्माणाधीन पुल हादसे को लेकर राज्य सेतु निगम के महा निदेशक (एमडी) ने यहां के एई को सस्पेंड कर मामले की जांच के आदेश दिए है। इसके अलावा प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ डिपार्टमेंट जांच शुरू कराई गई है। हमीरपुर जिले के ललपुरा और कुरारा थाना क्षेत्र के परसनी- कंडौर के मध्य करीब नौ सौ मीटर लम्बे नए पुल का निर्माण पिछले तीन सालों से कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने पुल बनाने का ठेका कानपुर के विजय सिंह की प्राइवेट कंपनी को दिया था। करीब बानवे करोड़ के फंड से निर्माणाधीन इस पुल कीतेरह कोठी बनाई जा चुकी हैं। वहीं आठ कोठी के ऊपर स्लैब (लाँच पैड) डाले जा चुके हैं।
चार कोठी के ऊपर स्लैब डालने की कवायद में मजदूरों को दिन रात काम पर लगाया गया था। पिछले दिनों आंधी तूफान के अलर्ट के बाद निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा कोठी सहित उस समय भरभराकर ढह गया जब तूफान के समय मजदूर काम कर रहे थे। इससे छह मजदूरों की मौत हो गई, वहीं तीन मजदूर कोठी पकड़कर मदद का इंतजार कई घंटे तक करते रहे। हालांकि सूचना पर तत्काल प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम और पुलिस को मौके पर भेजकर राहत व बचाव कार्य शुरू कराया और तो तीन मजदूरों को एसडीआरएफ ने नीचे उतारकर सुरक्षित बचा लिया।
इस हादसे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश
यादव ने सरकार पर टिप्पणी कर पुल के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे।जिसके बाद योगी सरकार एक्शन में आई गई। राज्य सेतु निगम के एमडी धर्मवीर सिंह ने यहां आकर जांच की। लापरवाही पाए जाने पर हमीरपुर सेतु निगम में तैनात एई गजेन्द्र सिंह को सस्पेंड कर दिया। इसके साथ प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप कुमार के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए है। इस कार्रवाई से सेतु निगम कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। सेतु निगम के एक अभियंता ने शनिवार को बताया कि कार्यालय में अवर अभियंता के पद खाली है। एई गजेन्द्र सिंह अवर अभियंता का भी काम देख रहे थे। पुल का काम भी अगले महीने जूनमें कंपलीट कराने के ऊपर से निर्देश थे, जिसके लिए दिन और रात में काम कराया जा रहा था।












