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सिद्धार्थनगर में नवजात मौत कांड, जांच करने पहुंची स्वास्थ्य टीम:CCTV DVR छोड़ लौटे अधिकारी, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की


सिद्धार्थनगर के इटवा स्थित जनता सेवा हॉस्पिटल में नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच पर सवाल खड़े होने लगे हैं। शुक्रवार को जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल में लगे सीसीटीवी का डीवीआर कब्जे में लिए बिना ही लौट गई। इसे लेकर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं> मामला इटवा थाना क्षेत्र के सहदेड्या गांव का है। सहदेड्या निवासी चंद्रमणी के अनुसार, 23 मई की रात प्रसव पीड़ा होने पर उनकी पत्नी वंदना को जनता सेवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षित प्रसव और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता का भरोसा दिया था। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल में बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और प्रशिक्षित मेडिकल टीम के ऑपरेशन किया गया। प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ती गई, लेकिन समय पर उचित इलाज नहीं मिला, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं प्रसूता की हालत भी गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस में तहरीर दी। इटवा पुलिस ने अस्पताल संचालक और स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। शुक्रवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसीएच डॉ. आर जी सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष कुमार अग्रहरी और सीएचसी इटवा अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार द्विवेदी की टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड, ऑपरेशन थिएटर और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की। डॉ. आरजी सिंह ने बताया कि जांच पूरी होने तक अस्पताल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जांच टीम द्वारा अस्पताल का सीसीटीवी डीवीआर जब्त न किए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य सबसे अहम होते हैं और फुटेज को तुरंत सुरक्षित किया जाना चाहिए था। लोगों को आशंका है कि अब साक्ष्यों से छेड़छाड़ हो सकती है। इटवा प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा ने बताया- अस्पताल संचालक और स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन से लिखित रूप में सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर मांगा है, लेकिन अब तक फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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