उतरौला (बलरामपुर) । केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से गरीब एवं असहाय परिवारो को पक्का आवास उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से चलायी जा रही आवास योजना धरातल पर अपेक्षित रूप से प्रभावी नहीं दिख रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कई परिवार आज भी फूस के मकान या टट्टर लगा कर जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
ग्राम पंचायत महुआ धनी के देवरिया अर्जून की कुशला वती, और रीना देवी इसका ज्वलंत उदाहरण है। उन्होंने ने बताया कि लगभग 25 वर्षों से हम लोग इसी छप्पर में अपने बच्चों के साथ रहते है, कई बार सचिव प्रधान से अनुरोध किया किन्तु आश्वासन के शिवा कुछ भी नहीं मिला।
कुशला वती ने बताया कि पति दिहाड़ी मजदूरी करते हैं किसी तरह से बदहाल जीवन जीने को विवश है , रीना देवी और पिपरा राम की कांति देवी की भी समस्या एक सी है। सचिव संजय कुमार ने बताया कि जांच कर हर पात्र को आवास उपलब्ध कराया जाएगा।












