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रिश्वतखोरी के आरोप पर हाईकोर्ट सख्त:श्रावस्ती के जिला कृषि अधिकारी के तबादले का आदेश


इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने श्रावस्ती के जिला कृषि अधिकारी बलजीत बहादुर वर्मा पर लगे रिश्वतखोरी और कोर्ट के आदेश का पालन न करने के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कृषि निदेशक को बलजीत बहादुर वर्मा का तीन दिन के भीतर जिले से बाहर तबादला करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने कर्मचारी महेंद्र प्रताप सिंह की विशेष अपील पर दिया। महेंद्र प्रताप सिंह ने अपने निलंबन आदेश को चुनौती दी थी। अधिकारी से बातचीत का ऑडियो पेश किया न्यायालय ने 5 फरवरी को महेंद्र प्रताप सिंह के निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए उन्हें वेतन और अन्य लाभ देने का निर्देश दिया था। हालांकि, कर्मचारी का आरोप है कि जिला कृषि अधिकारी ने इस आदेश को लागू नहीं किया और कहा कि कोर्ट ने केवल जवाब मांगा है, रोक नहीं लगाई है। कर्मचारी ने इस बातचीत की कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में पेश की। कोर्ट ने रिकॉर्डिंग सुनने के बाद अधिकारी से सवाल किए, जिस पर पहले उन्होंने बातचीत से इनकार किया, फिर कहा कि उन्हें याद नहीं है। न्यायालय ने अधिकारी और कर्मचारी के बीच हुई कथित बातचीत की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी पेश करने को कहा है। वेतन जारी करने के लिए ₹5 हजार की रिश्वत ली सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में तैनात लिपिक सुनील कुमार मौर्य को कर्मचारी का वेतन जारी करने के नाम पर पांच हजार रुपए रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि इन परिस्थितियों में जिला कृषि अधिकारी का उसी कार्यालय में बने रहना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि अधिकारी के खिलाफ अवमानना सहित अन्य कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को निर्धारित की गई है।

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