सिद्धार्थनगर जिले के मिश्रौलिया और कठेला थाना क्षेत्रों में इन दिनों मिट्टी का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। प्रतिबंधित समय में भी खनन माफिया बेखौफ होकर सरकारी राजस्व को चूना लगा रहे हैं। रात से लेकर दिन तक जेसीबी मशीनें मिट्टी खोद रही हैं और दर्जनों ट्रैक्टर धोबहा जुनेडीह के पूरब स्कूल के पास से अवैध रूप से मिट्टी ढो रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार में संबंधित थानों के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौन सहमति है। चर्चा है कि ‘मोटे नजराने’ और बंधी-बंधाई रकम के कारण जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं। खनन माफियाओं को न तो खनिज विभाग का डर है और न ही स्थानीय पुलिस का। इस अवैध खनन से सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण क्षेत्र की लिंक सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इन वाहनों से उड़ने वाली धूल से राहगीरों और ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है, जिससे आए दिन सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। जब भी पुलिस को सूचना दी जाती है, तो कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है या माफियाओं को पहले ही सतर्क कर दिया जाता है। शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद मिश्रौलिया और कठेला थाना क्षेत्रों में चल रहा यह अवैध कारोबार कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर भ्रष्ट जिम्मेदारों और खनन माफियाओं के गठजोड़ पर कब कार्रवाई करते हैं।
मिश्रौलिया-कठेला में अवैध मिट्टी खनन जारी:जिम्मेदारों की मिलीभगत से राजस्व को नुकसान, कार्रवाई ठप
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