नई दिल्ली। वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) ने गुरुवार को नई दिल्ली में डीएफएस सचिव संजय लोहिया की अध्यक्षता में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत के पहले संप्रभुता समर्थित संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति संबंधी बीमा उत्पाद लॉन्च किया।
ये उत्पाद भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (बीएमआईपी) के तहत आता है, जिसे न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से तैयार किया गया है।
वित्त मंत्रालय ने जारी बयान में बताया कि डीएफएस सचिव ने बीएमआईपी के तहत न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से जारी किया गया पहला पीएंडआई के पॉलिसी दस्तावेज को भारतीय नौवहन निगम लिमिटेड को सौंपा।
डीएफएस सचिव ने इस मौके पर भारत के समुद्री क्षेत्र के लिए इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्राप्त करने के लिए संरक्षण एवं क्षतिपूर्ति (पीएंडआई) बीमा उत्पाद के निर्माण प्रक्रिया में शामिल सभी हितधारकों को बधाई दी।
मंत्रालय ने कहा कि यह पॉलिसी चालक दल एवं मालवाहक दायित्व, प्रदूषण दायित्व, जहाज के मलबे को हटाने, 24×7 पोर्ट कॉरेस्पोंडेंट नेटवर्क सहित तीसरे पक्ष के सभी दायित्वों के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है, जिसमें पूल की संयुक्त क्षमता के माध्यम से 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर तक की क्षतिपूर्ति सीमा शामिल है।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि बीएमआईपी की शुरुआत के साथ, पश्चिम एशिया संघर्ष के चरम पर देखे गए उच्चतम स्तरों की तुलना में युद्ध जोखिम प्रीमियम दरों में करीब 35-40 फीसदी की कमी आई है।
वहीं, 29 जुलाई 2026 तक पूल के अंतर्गत कार्गो युद्ध जोखिम और पतवार युद्ध जोखिम को कवर करने वाली कुल 1608 पॉलिसियां जारी की गई।












