लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केंद्रीय पदाधिकारियों ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से मांग की है कि मार्च 2023 के आंदोलन के फलस्वरूप बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्यवाहियां तत्काल प्रभाव से वापस ली जाएं तथा प्रभावित कर्मचारियों को उनके समस्त सेवा संबंधी एवं सेवांत लाभ अविलंब प्रदान किए जाएं।
संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि उत्पीड़न के विरोध में प्रदेशव्यापी “जन-जागरण अभियान” के अंतर्गत आगामी सप्ताह सोमवार से शनिवार तक पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों के साथ-साथ प्रदेश के सबसे बड़े ताप बिजलीघरों अनपरा एवं ओबरा में व्यापक सभाएं आयोजित की जाएंगी। कहा कि मार्च 2023 के आंदोलन के दौरान जिन बिजली कर्मियों को निलंबित किया गया था, उनके विरुद्ध चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाहियां आज तक समाप्त नहीं की गई हैं। इतना ही नहीं, सेवा निवृत्त होने के बाद भी कई कर्मचारियों को उनके वैधानिक सेवांत लाभ नहीं दिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अमानवीय एवं प्रताड़नापूर्ण है।
बताया कि अभियंता आर जी सिंह, जिन्हें मार्च 2023 के आंदोलन के कारण प्रताड़ित किया गया था, सेवा निवृत्ति के बाद उन्हें उनके जीपीएफ के अतिरिक्त कोई अन्य सेवांत लाभ नहीं मिला। दुर्भाग्यवश विगत दिनों उनका निधन भी हो गया। इस घटना से पूरे बिजली कर्मचारी समुदाय में भारी रोष एवं पीड़ा व्याप्त है।
संघर्ष समिति ने कहा कि उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां लंबित रहने के कारण अनेक सेवारत कर्मचारियों,जूनियर इंजीनियरों एवं अभियंताओं के प्रमोशन, टाइम-स्केल तथा अन्य सेवा संबंधी देयक अवरुद्ध पड़े हैं। वहीं सेवा निवृत्त कर्मचारियों को केवल भविष्य निधि की राशि देकर अन्य वैधानिक भुगतान रोके जाना गंभीर अन्याय है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के साथ किया जा रहा यह व्यवहार अत्यंत अमानवीय है।












