संत कबीर नगर, जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने एक बीमा कंपनी द्वारा पालिसी मिससेलिंग करने के एक मामले को गंभीरता से लिया है। बीमा कंपनी के द्वारा जमा कराए गए दो वर्ष के प्रीमियम को ब्याज समेत वापस करने के साथ रुपए 60 हजार अदा करने का आदेश दिया है। मामला अशोका हॉस्पिटल का है।
कोतवाली खलीलाबाद के पटखौली में स्थित अशोका हॉस्पिटल के चिकित्सक डा.अशोक कुमार ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल कर कहा कि दिनांक 21 दिसंबर 2022 को टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस के अधिकृत कर्मी उनके हॉस्पिटल पर आए और स्मार्ट संपूर्ण रक्षा प्लान का मैच्योरिटी बेनिफिट रुपए 75 लाख की पालिसी क्रय करने के कई लाभ बताए। प्रीमियम धनराशि रुपए पांच लाख बताकर रुपए पांच लाख 22 हजार 500 लिया गया। प्रपोजल फॉर्म में विभिन्न त्रुटियां की गईं। पालिसी पर उनका कोई हस्ताक्षर नही बनवाया गया। फ्री लुक पीरियड बीत जाने के बाद पालिसी बांड भेजा गया। इसकारण वे निर्धारित समय सीमा के भीतर पालिसी वापस नही करा सके। मजबूर होकर अगले वर्ष का प्रीमियम भी जमा करना पड़ा। इसप्रकार उनके द्वारा कुल रुपए 10.45 लाख जमा किया गया। परिवादी का कहना है कि पालिसी को एकल प्रीमियम कहकर विक्रय किया है, जिस सर्विसिंग एजेंट/इंश्योरेंस ब्रोकर का नाम दर्ज है, उनसे उनकी कभी मुलाकात ही नही हुई है। उन्होंने वर्ष 2024 में दोनों प्रीमियम की धनराशि रुपए 10 लाख 45 हजार वापस करने की मांग किया, परंतु बीमा कंपनी ने कोई ध्यान नही दिया। मजबूर होकर अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल करना पड़ा।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने तथा दोनों पक्ष के बहस को सुनने के उपरांत बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। जमा प्रीमियम की रकम रुपए 10 हजार 45 हजार जमा तिथि 11 जनवरी 2024 से अंतिम भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत ब्याज के साथ 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 60 हजार अतिरिक्त अदा करना होगा।












