HomeHealth & Fitnessजसपिंदर नरूला पहुंचीं परमार्थ निकेतन, गंगा आरती में हुईं शामिल

जसपिंदर नरूला पहुंचीं परमार्थ निकेतन, गंगा आरती में हुईं शामिल

  • ऋषिकुमारों के भजनों ने किया भावविभोर
  • स्वामी चिदानन्द सरस्वती का सद्साहित्य आशीर्वाद स्वरूप किया भेंट

ऋषिकेश। हिंदी एवं पंजाबी सिनेमा की सुप्रसिद्ध पार्श्व एवं शास्त्रीय गायिका, गुरबाणी और धार्मिक संगीत की सशक्त साधिका तथा पद्म सम्मान से अलंकृत जसपिंदर नरूला जी परमार्थ निकेतन आयी। उन्होंने मां गंगा का दर्शन, स्नान एवं पूजन किया तथा विश्वविख्यात परमार्थ गंगा आरती में श्रद्धापूर्वक सहभाग किया। 

स्वामी द्वारा रचित सद्साहित्य जसपिंदर नरूला जी को भेंट किया। संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली जसपिंदर नरूला जी ने हिंदी और पंजाबी सिनेमा के साथ-साथ गुरबाणी, भक्ति एवं धार्मिक संगीत के क्षेत्र में भी अपनी मधुर एवं भावपूर्ण स्वर-साधना से विशेष स्थान बनाया है।

फिल्म ‘प्यार तो होना ही था’ के शीर्षक गीत के लिए उन्हें वर्ष 1999 में फ़िल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त मिशन कश्मीर, मोहब्बतें, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और बंटी और बबली जैसी लोकप्रिय फिल्मों में भी उनके स्वर ने संगीतप्रेमियों के हृदय को स्पर्श किया है। शास्त्रीय संगीत की गहराई, पार्श्व गायन की लोकप्रियता और गुरबाणी एवं धार्मिक संगीत की आध्यात्मिक अनुभूति, इन सभी का सुंदर समन्वय उनके संगीत व्यक्तित्व की विशेषता है।

परमार्थ निकेतन पहुंचकर जसपिंदर नरूला ने मां गंगा में पवित्र स्नान किया और विधिवत पूजन-अर्चन कर मां गंगा से विश्व शांति, सद्भाव, करुणा और मंगल की प्रार्थना की।  उन्होंने मां गंगा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि मां गंगा भारत की आत्मा हैं। 

मां गंगा के तट पर आकर मन अपने आप शांत होने लगता है और भीतर एक ऐसी अनुभूति जागती है जिसे शब्दों में बांधना कठिन है। यहां प्रकृति, अध्यात्म, भक्ति और सेवा एक साथ दिखाई देते हैं। उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामी जी गंगा जी की आरती के माध्यम से देशभक्ति और देव भक्ति का जो संदेश देेते है, उसने अनेकों हृदयों को जागृत कर विलक्षण परिवर्तन किया है।

जसपिंदर नरूला ने गंगा आरती में अत्यंत श्रद्धा एवं भक्ति भाव से सहभाग किया। इस संपूर्ण अनुभव का सबसे भावुक कर देने वाला क्षण तब आया जब परमार्थ निकेतन के नन्हे-नन्हे ऋषिकुमारों ने भक्ति एवं आध्यात्मिक भाव से भजन गाये। बाल ऋषिकुमारों के निर्मल स्वर, उनके सहज भाव, अनुशासन और भक्ति से ओतप्रोत गायन ने जसपिंदर नरूला जी के हृदय को गहराई से छू लिया। संगीत की साधना को अपना जीवन समर्पित करने वाली जसपिंदर जी इन नन्हे साधकों को भजन गाते देखकर भावुक हो उठीं। 

जसपिंदर नरूला ने स्वामी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परमार्थ निकेतन में आना उनके लिए अत्यंत आत्मिक और आनंददायक अनुभव रहा। डॉ. जसपिंदर नरूला के साथ उनके पति प्रमोद कौल, सुप्रसिद्ध गायिका सलोनी शाह, आर.के. प्रोडक्शन से ज्योतिका भट्ट जी एवं सुश्री मधु तथा भारतीय सेना के सैनिक नरेन्द्र लाल जीने भी मां गंगा का दर्शन एवं पूजन कर विश्वविख्यात गंगा आरती में श्रद्धापूर्वक सहभाग किया। सभी ने मां गंगा के पावन तट पर आरती में सम्मिलित होकर राष्ट्र, समाज एवं समस्त विश्व के कल्याण, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।

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