नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह महिला आरक्षण बिल के तरीके और प्रावधानों का विरोध करेंगे। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वह महिला आरक्षण के विरोध में नहीं हैं लेकिन जिस तरीके से इसे लाया जा रहा है, उसके विरोध में हैं।
डिलिमिटेशन के नाम पर सरकार खेल कर रही: खरगे
उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण बिल पर हमारी मांगें नहीं मानी गईं।” उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि चुनावी फायदे के लिए महिला आरक्षण बिल लाया जा रहा है और डिलिमिटेशन के नाम पर सरकार खेल कर रही है।
खरगे ने कहा, “हम सभी महिला आरक्षण विधेयक के पक्ष में हैं लेकिन हमें आपत्ति इसे पेश करने के तरीके को लेकर है। ये राजनीतिक रूप से प्रेरित है और विपक्ष पर प्रेशर बनाने के लिए सरकार ऐसा कर रही है।”
उन्होंने कहा, “हमने महिला आरक्षण विधेयक का लगातार समर्थन किया है, लेकिन हम चाहते हैं कि पहले के संशोधनों को लागू किया जाए। वे परिसीमन को लेकर कुछ चालें चल रहे हैं। हम सभी दलों को संसद में एकजुट होकर लड़ना चाहिए। हम इस विधेयक का विरोध करेंगे, लेकिन हम (महिलाओं के लिए) आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं।”
वे असम और जम्मू-कश्मीर में पहले ही हमें धोखा दे चुके हैं: खरगे
उन्होंने कहा, “जिस तरह से उन्होंने (सरकार) विधेयक में परिसीमन को शामिल किया है, उन्होंने जनगणना भी नहीं कराई है। संविधान की सभी शक्तियां कार्यपालिका द्वारा हथियाई जा रही हैं। ज्यादातर, जो शक्तियां संस्थाओं, संसद के पास होनी चाहिए, वे उन्हें इसलिए दी गई हैं ताकि वे किसी भी समय परिसीमन बदल सकें। वे असम और जम्मू-कश्मीर में पहले ही हमें धोखा दे चुके हैं।
खरगे ने ये बातें मीडिया को संबोधित करते हुए कहीं। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत अन्य नेता भी थे। खरगे के इस बिल को लेकर दिए बयान के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।












