उपजिलाधिकारी को सौंपा पत्र
मुकदमे के निस्तारण तक यथास्थिति बनाए रखने की गुहार, विपक्षी दल पर लगा अवैध कार्य का आरोप।
श्रावस्ती। तहसील जमुनहा के अंतर्गत आने वाले मौजा हरिहरपुर मजरा नगर में जमीन के मालिकाना हक को लेकर चल रहा विवाद अब गहरा गया है। क्षेत्र के निवासी सहजराम ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) जमुनहा को एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर विवादित भूमि पर विपक्षियों द्वारा किए जा रहे अवैध मिट्टी पटान कार्य को तत्काल रुकवाने की मांग की है।
अदालत में विचाराधीन है बंटवारे का मुकदमा
दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, गाटा संख्या 639 (रकबा 0.121 हेक्टेयर) स्थित मौजा हरिहरपुर मजरा नगर की भूमि के बंटवारे (धारा 116/UPRC) का एक मुकदमा माननीय उपजिलाधिकारी न्यायालय (न्यायिक) में वर्तमान में विचाराधीन है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब तक अदालत से इस मुकदमे का अंतिम निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक जमीन पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण या बदलाव नहीं किया जा सकता।
विपक्षी दल पर अवैध निर्माण की कोशिश का आरोप
प्रार्थी सहजराम ने आरोप लगाया है कि मुकदमे के लंबित रहने के बावजूद विपक्षी दल की उमा देवी और सावित्री देवी (दोनों पत्नियां राजेश कुमार वर्मा), जो कि हरिहरपुर मजरा नगर की ही निवासी हैं, जबरन उक्त गाटा संख्या पर अवैध रूप से मिट्टी का पटान (Filling) करवा रही हैं। पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी कानून को ताक पर रखकर जमीन की स्थिति बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
एसडीएम से न्याय की गुहार
पीड़ित सहजराम (निवासी: जोल्हैया बाजार, पोस्ट: दुर्गापुर, तहसील: भिनगा, श्रावस्ती) ने उपजिलाधिकारी से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। प्रार्थना पत्र में मांग की गई है कि:
गाटा संख्या 639 पर हो रहे अवैध मिट्टी पटान को तुरंत रुकवाया जाए।
जब तक न्यायालय द्वारा मुकदमे का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक विपक्षियों को किसी भी प्रकार की नई गतिविधि या निर्माण कार्य करने से प्रतिबंधित किया जाए।
अब देखना यह होगा कि इस संवेदनशील जमीनी मामले पर तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस प्रशासन क्या रुख अपनाता है और पीड़ित को कब तक न्याय मिलता है।












